Connect with us

Blog

भोपाल गैस ट्रैजडी: उस काली रात मौत ने पूरे शहर को निगल लिया… नेता बचते रहे, शहर रोता रहा

Published

on

[ad_1]

अंधेरी रात किसे कहते हैं, पूछिए भोपाल के उन लोगों से जिन्होंने अपनी जिंदगी को एक पल में बिखरते देखा. उस रात, मौत ने इस शहर को निगल लिया, और पीछे छोड़ गए सिर्फ दर्द, चीखें और कभी न खत्म होने वाला अंधेरा … इस रात ने सिर्फ जिंदगियां ही नहीं छीनीं, बल्कि उम्मीद, प्यार और इंसानियत को भी दफन कर दिया … वरिष्ठ पत्रकार और एनडीटीवी के पूर्व ब्यूरो चीफ राजकुमार केसवानी ने इस त्रासदी की चेतावनी सालों पहले दे दी थी. उनके लेख ‘बचाइए हुजूर, इस शहर को बचाइए’ और ‘भोपाल एक ज्वालामुखी के मुहाने पर बैठा है’ एक मूक चीख थी … लेकिन प्रशासन, सरकार और यूनियन कार्बाइड ने इन्हें नजरअंदाज कर दिया .

6afu1pb8_bhopal-gas-tragedy_625x300_03_December_24 भोपाल गैस ट्रैजडी: उस काली रात मौत ने पूरे शहर को निगल लिया... नेता बचते रहे, शहर रोता रहा

जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस के यूनियन कार्बाइड से रिसने के साथ ही, भोपाल एक गैस चेंबर बन गया … माताएं अपने बच्चों को छोड़ भागीं, बच्चे अपने माता-पिता को … लेकिन मौत की रफ्तार सबसे तेज थी . जब शहर शोक मना रहा था, तब नेता और अधिकारी खुद को बचाने में लगे थे. मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ‘प्रार्थना’ के लिए इलाहाबाद चले गए . अर्जुन सिंह ने बाद में अपनी आत्मकथा ‘द ग्रेन ऑफ सैंड इन दि ऑवरलैस ऑफ टाइम में सफाई दी कि वो इलाहाबाद के गिरजाघर में प्रार्थना करने गए थे और उसी शाम भोपाल लौट आए थे . एंडरसन, जो इस त्रासदी का मुख्य दोषी था, को गिरफ्तार किया गया, लेकिन उसे वीआईपी ट्रीटमेंट मिला .

27okb59g_bhopal-gas-tragedy_625x300_03_December_24 भोपाल गैस ट्रैजडी: उस काली रात मौत ने पूरे शहर को निगल लिया... नेता बचते रहे, शहर रोता रहा

भोपाल गैस त्रासदी के बाद वॉरेन एंडरसन को भारत से भागने में मदद कैसे मिली, यह सवाल आज भी इतिहास के पन्नों में दर्ज सबसे बड़े विवादों में से एक है. इस पर प्रकाश डालते हुए, 2008 में तत्कालीन कलेक्टर मोती सिंह ने अपनी किताब ‘अनफोल्डिंग द बिट्रेयल ऑफ भोपाल गैस ट्रेजेडी’ में कई अहम खुलासे किए . मोती सिंह ने अपनी किताब में लिखा कि वॉरेन एंडरसन को छोड़ने का निर्णय तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के आदेश पर लिया गया था. इस पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखने के लिए यह सुनिश्चित किया गया कि एंडरसन की यात्रा के दौरान न तो कोई पायलट वाहन हो और न ही कोई सुरक्षा गार्ड. उन्होंने बताया, “मेरी कार की फ्रंट सीट पर उस वक्त के एसपी स्वराज पुरी बैठे थे, और पीछे की सीट पर मैं वॉरेन एंडरसन के साथ था. हम सीधे एयरपोर्ट गए. एंडरसन राज्य के विमान से भोपाल से दिल्ली रवाना हुआ और रात में वहां से अमेरिका निकल गया.” किताब में मोती सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि एंडरसन को जिस कमरे में रखा गया था, वहां टेलीफोन चालू रहना एक बड़ी चूक थी. उन्होंने लिखा, “समय की कमी के चलते पुलिस ठीक से कमरे की जांच नहीं कर सकी. टेलीफोन डिस्कनेक्ट नहीं किया गया था. एंडरसन ने टेलीफोन का उपयोग कर पूरे मामले को पलट दिया.”

mqd2qi6g_bhopal-gas-tragedy_625x300_03_December_24 भोपाल गैस ट्रैजडी: उस काली रात मौत ने पूरे शहर को निगल लिया... नेता बचते रहे, शहर रोता रहा

भोपाल गैस त्रासदी के बाद मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन को बचाने के आरोपों पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने अपनी आत्मकथा ‘अ ग्रेन ऑफ सैंड इन द ऑवरग्लास ऑफ टाइम’ में विस्तार से लिखा है. अर्जुन सिंह ने बताया कि 4 दिसंबर को जब उन्हें सूचना मिली कि एंडरसन भोपाल आ रहा है, उन्होंने उसे गिरफ्तार करने का आदेश दिया। उन्होंने तत्कालीन कलेक्टर मोती सिंह और एसपी स्वराज पुरी को अपने आवास पर बुलाकर लिखित में निर्देश दिया, “आम तौर पर मुख्यमंत्री लिखित निर्देश नहीं देते हैं, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए मैंने लिखित आदेश देना उचित समझा. मुझे पता था कि एसपी और कलेक्टर अपने कर्तव्य का पालन करते समय भारी दबाव में होंगे.” अर्जुन सिंह ने अपनी आत्मकथा में स्पष्ट किया कि एंडरसन को रिहा करने और उसे राज्य के विमान से दिल्ली भेजने का निर्देश दिल्ली से केंद्रीय गृह मंत्रालय से दिया गया था. 

6afu1pb8_bhopal-gas-tragedy_625x300_03_December_24 भोपाल गैस ट्रैजडी: उस काली रात मौत ने पूरे शहर को निगल लिया... नेता बचते रहे, शहर रोता रहा

अर्जुन सिंह ने लिखा, “जब मैंने हरदा में चुनाव प्रचार के दौरान राजीव गांधी को एंडरसन की गिरफ्तारी की सूचना दी, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. उसी समय हमारे मुख्य सचिव ब्रह्म स्वरूप का वायरलेस संदेश मिला. इसमें बताया गया कि दिल्ली से केंद्रीय गृह मंत्रालय का एक वरिष्ठ अधिकारी बार-बार कॉल कर रहा है और एंडरसन को जमानत देने तथा राज्य विमान से दिल्ली भेजने का निर्देश दे रहा है. अर्जुन सिंह ने खुलासा किया कि गृह मंत्रालय से कॉल करने वाले अधिकारी आर.डी. प्रधान थे. बाद में पता चला कि आर.डी. प्रधान ने यह कॉल केंद्रीय गृह मंत्री पीवी नरसिम्हा राव के निर्देश पर किया था. नेताओं की भूमिका पर आज सत्ता या विपक्ष कोई ज्यादा बात नहीं करना चाहता.

फिर वॉरेन एंडरसन कभी भारत नहीं आया

मामले की जांच सीबीआई ने की, 2010 में अदालत ने यूनियन कार्बाइड की भारतीय सहायक कंपनी और उसके सात अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई. हालांकि, सभी ने जुर्माना भरकर 14 दिन में जमानत ले ली। वहीं, मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन कभी भारत नहीं आया. इंसाफ तो छोड़िये – आज तक सरकार ये नहीं बता पाई कि इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई. केन्द्र सरकार भोपाल गैस त्रासदी में मृतकों के आंकड़े को 5295 बताती रही है,मध्यप्रदेश सरकार 15342 और ICMR के मुताबिक इस हादसे में लगभग 25000 लोगों की मौत हुई. जबकि हजारों पीड़ित आज तक तिल तिल मर रहे हैं. पीड़ितों की कानूनी लड़ाई अब भी जारी है. 615 करोड़ रुपये का मुआवजा पीड़ितों को बांटा गया, लेकिन कई को मात्र ₹25,000 मिले.



[ad_2]

Source link

Share this content:

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Blog

पायल कपाड़िया ने रचा इतिहास, गोल्डन ग्लोब्स में हासिल किया नामांकन

Published

on

By

[ad_1]

k4t2a5a_all-we-imagine-_625x300_09_December_24 पायल कपाड़िया ने रचा इतिहास, गोल्डन ग्लोब्स में हासिल किया नामांकन


नई दिल्ली:

भारत की मशहूर निर्देशन पायल कपाड़िया ने इतिहास रच डाला है. उनकी फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट को गोल्डन ग्लोब्स के सर्वश्रेष्ठ निर्देशक में नामांकन मिला है. पायल कपाड़िया के लिए गोल्डन ग्लोब्स में नामांकन हासिल करना दूसरी बड़ी कामयाबी है. इससे पहले उन्होंने फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट में इस साल के कान फिल्म महोत्सव बेस्ट डायरेक्टर और फिल्म की एक्ट्रेस अनसूया सेनगुप्ता को बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब हासिल किया था. पायल कपाड़िया को ऑल वी इमेजिन एज लाइट के लिए 77वें कान फिल्म फेस्टिवल में ग्रां प्री जीता था. 

मलयालम-हिंदी फीचर फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट की कहानी मुंबई की तीन महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सड़क मार्ग से तटीय शहर की एक यात्रा पर जाती हैं. फिल्म में कानी कुश्रुति, दिव्या प्रभा और छाया कदम ने मुख्य भूमिका निभाई है.

2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के नामांकनों की घोषणा

2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के लिए नामांकनों की सूची जारी कर दी गई है. इस साल कई शानदार फिल्में और टेलीविजन सीरीज़ इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए दौड़ में हैं. 

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (ड्रामा):  
– डोनाल्ड ग्लोवर, Mr. and Mrs. Smith  
– जैक गिलेनहाल, Presumed Innocent  
– गैरी ओल्डमैन, Slow Horses  
– एडी रेडमायने, The Day of the Jackal  
– हिरोयुकी सनाडा, Shogun  
– बिली बॉब थॉर्नटन, Landman

सर्वश्रेष्ठ मूल संगीत – मोशन पिक्चर:  
– वोल्कर बर्टलमैन, Conclave  
– डैनियल ब्लमबर्ग, The Brutalist  
– क्रिस बॉवर्स, The Wild Robot  
– क्लेमेंट ड्युकोल, Camille, Emilia Perez  
– ट्रेंट रेज़नोर और एटिकस रॉस, Challengers  
– हंस ज़िमर, Dune: Part Two

सर्वश्रेष्ठ सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:  
– Baby Reindeer  
– Disclaimer  
– Monsters: The Lyle and Erik Menendez Story  
– The Penguin  
– Ripley  
– True Detective: Night Country

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):  
– क्रिस्टन बेल, Nobody Wants This  
– क्विंटा ब्रुन्सन, Abbott Elementary  
– आयो एडेबिरी, The Bear  
– सेलेना गोमेज़, Only Murders in the Building  
– कैथरीन हान, Agatha All Along  
– जीन स्मार्ट, Hacks

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):  
– एडम ब्रोडी, Nobody Wants This  
– टेड डैन्सन, A Man on the Inside  
– स्टीव मार्टिन, Only Murders in the Building  
– जेसन सीगल, Shrinking  
– मार्टिन शॉर्ट, Only Murders in the Building  
– जेरेमी एलन व्हाइट, The Bear

सर्वश्रेष्ठ मूल गीत – मोशन पिक्चर:  
– Beautiful That Way, The Last Showgirl, संगीत और गीत: माइलि साइरस, लिक्का ली, एंड्रयू वायट  
– Compress/Repress, Challengers, संगीत और गीत: ट्रेंट रेज़नोर, एटिकस रॉस और लुका ग्वाडागिनो  
– El Mal, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल, कैमेल और जैक्स ऑडियार  
– Forbidden Road, Better Man, संगीत और गीत: रॉबी विलियम्स, फ्रेडी वेक्सलर और साचा स्कारबेक  
– Kiss The Sky, The Wild Robot, संगीत और गीत: डेलैसी, जॉर्डन जॉनसन, स्टीफन जॉनसन, मारेन मोरिस, माइकल पोलैक और अली टेम्पोसी  
– Mi Camino, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल और कैमेल

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:  
– केट ब्लैंचेट, Disclaimer  
– जोडी फोस्टर, True Detective: Night Country  
– क्रिस्टिन मिलियोटी, The Penguin  
– सोफिया वर्गारा, Griselda  
– नाओमी वॉट्स, Feud: Capote vs. The Swans  
– केट विंसलेट, The Regime

सर्वश्रेष्ठ मोशन पिक्चर – एनिमेटेड:  
– Flow  
– Inside Out 2  
– Memoir of a Snail  
– Moana 2  
– Wallace & Gromit: Vengeance Most Fowl  
– The Wild Robot

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सहायक भूमिका – मोशन पिक्चर:  
– एरियाना ग्रांडे, Wicked  
– सेलेना गोमेज़, Emilia Perez  
– फेलिसिटी जोन्स, The Brutalist  
– मार्गरेट क्वॉली, The Substance  
– इसाबेला रॉसेलिनी, Conclave  
– जोई सैलडाना, Emilia Perez

सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – मोशन पिक्चर:  
– जैक्स ऑडियार, Emilia Perez  
– सीन बेकर, Anora  
– एडवर्ड बर्गर, Conclave  
– ब्रैडी कॉर्बेट, The Brutalist  
– कोराली फार्जात, The Substance  
– पायल कपाड़िया, All We Imagine as Light

वहीं बात करें गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स की तो 82वें वार्षिक गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स का सीधा प्रसारण सीबीएस पर बेवर्ली हिल्टन से और रविवार, 5 जनवरी, 2025 को शाम 5 बजे किया जाएगा. निक्की ग्लेसर 2025 के गोल्डन ग्लोब्स की मेज़बानी करेंगी और एमी विजेता निर्माता ग्लेन वीस और रिकी किर्शनर लगातार दूसरे साल शो रनर के रूप में काम करेंगे. पहले यह घोषणा की गई थी कि वियोला डेविस को सेसिल बी. डेमिले पुरस्कार और टेड डैनसन को कैरल बर्नेट पुरस्कार मिलेगा, जो टीवी उत्कृष्टता को मान्यता देता है.




[ad_2]

Source link

Share this content:

Continue Reading

Blog

IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फाइनेंस और टैक्सेशन के एक्सपर्ट… RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा से मिलिए

Published

on

By

[ad_1]

sf14m1mo_sanjaymalhotrajpeg_625x300_09_December_24 IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फाइनेंस और टैक्सेशन के एक्सपर्ट... RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा से मिलिए


नई दिल्ली:

रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए गवर्नर अपॉइंट हुए हैं. मल्होत्रा 11 दिसंबर 2024 को RBI के 26वें गवर्नर के तौर पर कार्यभार संभालेंगे. मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 10 दिसंबर को खत्म हो रहा है. RBI गवर्नर के तौर पर मल्होत्रा का कार्यकाल 3 साल का होगा.

सरकार ने 2022 में रिजर्व बैंक (RBI) के डायरेक्टर के रूप में डिपाटर्मेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) के सचिव संजय मल्होत्रा को नॉमिनेट किया था. सोमवार को मोदी कैबिनेट ने संजय मल्होत्रा के अपॉइंटमेंट को मंजूरी दी. आइए जानते हैं कौन हैं संजय मल्होत्रा, जो देश के सेंट्रल बैंक की सारी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं:-

भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में किसी भी घटना के प्रभाव से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में: RBI

राजस्थान कैडर के IAS ऑफिसर 
संजय मल्होत्रा राजस्थान कैडर के 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई राजस्थान में ही हुई है. IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस में उन्होंने इंजीनियरिंग की है. इसके बाद अमेरिका के
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई की है.

33 साल का एक्सपीरिएंस
संजय मल्होत्रा ​​को पास 33 साल का एक्सपीरिएंस हैं. उन्होंने पावर, फाइनेंस, टैक्सेशन, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और माइन्स समेत तमाम क्षेत्रों में काम किया है. मल्होत्रा ​​के पास राज्य और केंद्र सरकार दोनों में फाइनेंस और टैक्सेशन में काम करने का अनुभव भी है.

राजकोषीय घाटा अक्टूबर के अंत में पूरे साल के लक्ष्य का 46.5 प्रतिशत: सरकारी आंकड़े

वित्त मंत्रालय में सेक्रेटरी (रेवेन्यू) के रूप में काम करने से पहले उन्होंने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग में सचिव का पद संभाला था. 

सुधारवादी अफसरों में होती है गिनती
फाइनेंस के मामलों में संजय मल्होत्रा की गिनती सुधारवादी और मजबूत काम करने वाले अफसरों में होती है. उन्हें राजस्थान के करीब सभी विभागों में काम करने का अनुभव है. वो PM मोदी के पसंदीदा अफसरों में भी शामिल हैं.

टैक्स पॉलिसी मेकिंग में अहम भूमिका
संजय मल्होत्रा ​​ने डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स के लिए टैक्स पॉलीसी मेकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 

RBI ने लगातार 11वीं बार Repo Rate में नहीं किया बदलाव, 6.50% पर बरकरार, लोन की EMI पर राहत नहीं



[ad_2]

Source link

Share this content:

Continue Reading

Blog

150 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म को अक्षय कुमार ने अपनी गलती से बनाया फ्लॉप ? मेकर्स को लगा इतना चूना

Published

on

By

[ad_1]

sjk5snho_samrat-prithviraj_625x300_17_June_22 150 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म को अक्षय कुमार ने अपनी गलती से बनाया फ्लॉप ? मेकर्स को लगा इतना चूना

अक्षय कुमार की इस आदत की वजह से फ्लॉप हुई थी मूवी सम्राट पृथ्वीराज


नई दिल्ली:

साल 2022 में अक्षय कुमार की एक फिल्म आई थी पृथ्वीराज चौहान. जैसा कि नाम से ही जाहिर है ये फिल्म पृथ्वी राज चौहान की लाइफ पर बेस्ड थी. उनके साथ उनके शौर्य के साथ उनकी संयोगिता के प्रति चाहत को भी फिल्म में दिखाया गया था. लेकिन ये फिल्म अक्षय कुमार की दूसरी फिल्मों की तरह कोई कमाल नहीं दिखा सकी थी. इसकी क्या वजह थी. फिल्म क्रिटिक और ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने इस बारे में एनडीटीवी से खास बातचीत की और बताया पृथ्वीराज चौहान दर्शकों की कसौटी पर खरी क्यों नहीं उतरी.  

 क्यों फ्लॉप हुई अक्षय कुमार की मूवी?

एनडीटीवी ने कोमल नाहटा से जानना चाहा कि क्या बॉलीवुड के एक्टर्स साउथ के हीरोज जितनी मेहनत, रोल में उतरने के लिए नहीं करते हैं. इसके जवाब में कोमल नाहटा ने कहा कि ये कहना गलत होगा कि बॉलीवुड के एक्टर्स रोल में ढलने के लिए मेहनत नहीं करते हैं. शाहरुख खान, आमिर खान जैसे स्टार्स भरपूर मेहनत करते हैं. उन्होंने सम्राट पृथ्वीराज मूवी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी फिल्म बनाना हो तो मेहनत ज्यादा लगती है. जो अक्षय कुमार ने इस फिल्म के लिए नहीं की. इस फिल्म में पृथ्वीराज चौहान के हाव भाव पकड़ने के लिए थोड़ी ज्यादा मेहनत की जानी चाहिए थी. लेकिन रोल में उतरने की कोशिश ही नहीं की गई. जिसका नतीजा ये हुआ कि फिल्म को दर्शकों ने पसंद नहीं किया.

दो साल पहले रिलीज हुई थी फिल्म

अक्षय कुमार की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज साल 2022 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में मिस वर्ल्ड रही मानुषी छिल्लर संयोगिता के रोल में थीं. सोनू सूद, चंदर वरदाई के रोल में थे. आशुतोष राणा ने जय चंद्र का रोल अदा किया था. फिल्म से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स में इसका बजट करीब 200 करोड़ रु. बताया गया. लेकिन फिल्म सौ करोड़ का मार्क भी टच नहीं कर पाई. इस फिल्म को डिजास्टर मूवी माना गया.



[ad_2]

Source link

Share this content:

Continue Reading

Trending

Copyright © 2017 Zox News Theme. Theme by MVP Themes, powered by WordPress.