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बल्लू कैसे बन गया गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई? पूर्व इंस्पेक्टर ने खोला ‘डॉन’ की जिंदगी का हर पन्ना

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Lawrence Bishnoi Story: लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) का नाम अब भारत के सबसे खतरनाक गैंगस्टर में गिना जाने लगा है. ऐसे में उसके बारे में खुफिया एजेंसियों को पूरी जानकारी नहीं है. हां, फाइलों में उसके अपराध जरूर मिल जाएंगे, लेकिन अपराध में आने से लेकर इसकी सीढ़ियां कैसे चढ़ता गया इसकी जानकारी बेहद कम लोगों को है. NDTV ने लॉरेंस को 5 बार गिरफ्तार करने वाले चंडीगढ़ के पूर्व इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह से बात की तो लॉरेंस के सारे राज खुलते चले गए.    

लॉरेंस बिश्नोई 12 फरवरी 1993 को पंजाब के फाजिल्का में पैदा हुआ था. उसके पिता एक पुलिस कॉन्स्टेबल थे. रंग गोरा-चिट्टा होने के कारण परिवार ने उसका नाम लॉरेंस रखा था. लॉरेंस का मतलब चमकता हुआ सफेद होता है. हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड में लॉरेंस का नाम सतविंदर सिंह बल्लू है.

पहली बार ऐसे पकड़ा गया लॉरेंस

पूर्व इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह ने बताया कि 2010-11 की बात है. विक्की मिद्दुखेड़ा SOPU का प्रेसिडेंट था. लॉरेंस उसी पार्टी में था. विक्की मिद्दुखेड़ा का झगड़ा होने के कारण लॉरेंस ने सेक्टर 11 चंडीगढ़ में बाहर खड़ी गाड़ियों को आग लगाई थी.उस मामले में उनकी पहली बार लॉरेंस की गिरफ्तारी हुई थी. तब वो हमारी कस्टडी में एक दिन रहा ,बाकी वो न्यायिक हिरासत में रहा, फिर बाहर आ गया था. लॉरेंस जब 6वीं बार अरेस्ट हुआ तो उसने ये बात कहनी जरूर शुरू कर दी थी कि देखना आगे 7-8 राज्यों की पुलिस मुझे ढूंढा करेगी. रंजीत सिंह डुपला इसे हथियारों की सप्लाई किया करता था.अब रंजीत भागकर अमेरिका जा चुका है.ये कभी नहीं सोचा था कि लॉरेंस इतना बड़ा गैंगस्टर बन जाएगा कि सलमान को मारने की बात करेगा, बाबा सिद्दीकी और मुसेवाला को मार देगा.

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लॉरेस ऐसे बना अपराधी

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अमनजोत सिंह ने बताया कि इसके बाद स्टूडेंट्स पॉलिटिक्स में उसकी लड़ाइयां होती रहीं और कई बार इनमें गोलियां भी चलीं. इन मामलों में लॉरेंस 5-6 बार गिरफ्तार हुआ. वो उस समय एक छोटे बच्चे की तरह था. पुलिस के पकड़ने पर कभी अंकल कहता था, कभी भाई कहता था, कभी सर कहता था.. तो कुलमिलाकर कहें तो वो बहुत ही भोला था. 18 साल का बच्चा था और इसने जब गाड़ियों को आग भी लगाई थी तो इसकी अपनी कोई इंटेंशन नहीं थी, जो इसकी पार्टी लीडरशिप ने बोला वो इसने किया. शुरुआत में 3-4 साल उन्हीं के इशारों पर काम करता रहा, लेकिन जब ये जेल आता-जाता रहा तो जेल में इसकी ट्रांसफॉर्मेशन बहुत तेजी से हुई और ये बड़े गैंगस्टर्स की लिंक में आ गया. इसके बाद इसकी क्राइम की दुनिया में पकड़ी बढ़ती चली गई.

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लॉरेंस का बढ़ने लगा रुतबा

पूर्व इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह ने बताया कि लॉरेंस तब नया-नया गांव से आया था. जो भी चंडीगढ़ में आता है, उसको लगता है कि मैं अच्छा दिखाई दूं. तब इसको ब्रांडेड कपड़े पहनने का शौक नहीं था, लेकिन जब ये 5वीं 6वी बार अरेस्ट हुआ तो थोड़ा थोड़ा इसके कपड़ों में चेंज आना शुरू हो गया था.ल़ॉरेंस के डॉन बनने की कहानी ये है कि ये जब बार-बार जेल जाता रहा तो जेल में कुछ ऐसे कैदी थे, जिन्होंने बहुत बड़े बड़े क्राइम कर रखे थे. उनको लगा कि इस लड़के में कुछ बात है. कारण ये जल्दी-जल्दी 5-6 बार जेल पहुंच चुका था तो उन्होंने इसको यूज करना शुरू कर दिया. इसको अपनी शरण में ले लिया. कारण उनको पता था कि लॉरेंस की बेल हो जानी है. वो छोटे क्राइम में आता था तो जेल में बंद अपराधी इसको छोटे काम देने लग गए. इससे इसका रुतबा बाहर बढ़ने लगा.

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गुरु रॉकी फाजिल्का से ऐसे मिला

लॉरेंस जब जेल में गया तो इसकी जेल में रंजीत सिंह डुपला से मुलाकात हुई. रंजीत उस समय जसविंदर सिंह रॉकी का काफी क्लोज था तो रंजीत ने जेल में ही इसको रॉकी से मिलवा दिया. रॉकी पहले ही मुख्तार अंसारी ग्रुप के साथ जुड़ा हुआ था और एक बहुत ही नामी गैंगस्टर होता था.राजिंदर सिंह डिंपी के मर्डर में रॉकी उस समय जेल में बंद था. रॉकी ने लॉरेंस को अपनी शरण में ले लिया. रॉकी फिरोजपुर के फाजिल्का का रहने वाला था और ये अबोहर का रहने वाला था. दोनों का गांव आसपास होने के कारण इनका थोड़ा प्यार बढ़ गया और फिर उसकी शरण में आने के बाद लॉरेंस की काफी ग्रूमिंग हुई और फिर ये क्राइम की दुनिया में आगे बढ़ता रहा. रॉकी को ही रॉकी फाजिल्का कहा जाता था. लॉरेंस उसे अपराध की दुनिया में अपना गुरु बना चुका था.

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रॉकी फाजिल्का का गुरु कौन था?

रॉकी फाजिल्का बहुत पुराना गैंगस्टर था. चंडीगढ़ में ही GCM कॉलेज में पढ़ता था. उसकी डिंपी नाम के गैंगस्टर से मुलाकात हुई थी. जैसे लॉरेंस रॉकी की शरण में आकर बड़ा हुआ. वैसे ही रॉकी डिंपी की शरण में आकर बड़ा हुआ. फिर इन्होंने नंदकिशोर रुंगटा और निर्मल कुमार जयपुरिया की बड़ी किडनैपिंग की. इनकी किडनैपिंग करने के बाद ये अरेस्ट हुए.ये चंडीगढ़ की बुडैल जेल में रहा, तो ये इसलिए रहा कि इसने अपने ही साथी डिंपी को कुछ विवाद होने के कारण मार दिया था. 2007 से ये अंदर था. इसी बीच लॉरेंस अंदर गया और इसकी शरण में आने के बाद आगे बढ़ता गया.

गोल्डी से ऐसे मिला लॉरेंस

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विक्की मिद्दुखेड़ा अपराधी नहीं था, वो स्टूडेंट लीडर था. झगड़ों के कारण जेल चला गया था. कोई उसका ऐसा क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था. वो जब SOPU पार्टी का प्रेसिडेंट था तो उसकी शरण में लॉरेंस आया. गोल्डी बराड़ से लॉरेंस का कोई ऐसा लेना देना नहीं था. वो पंजाब यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट था. ये सारे इकठ्ठे थे. गुरुलाल गोल्डी का कजिन लगता था,तो जब गुरलाल का मर्डर हुआ तब गोल्डी उसका बदला लेने के लिए पिक्चर में आया.लॉरेंस को गोल्डी पहले से जानता था और फिर दोनों मिल गए.इस तरह के बहुत नाम हैं जो स्टूडेंट पॉलिटिक्स से गैंगस्टर बने. इनमें विक्की गोंडर, सुक्खा कालवा, भीमा लहारिया आदि स्टूडेंट पॉलिटिक्स का शिकार होकर गलत रास्ते पर चले गए और फिर वापस नहीं लौटे.

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सिद्धू मूसेवाला का मर्डर क्यों

विक्की मिद्दुखेड़ा के मर्डर में लॉरेंस को लगने लगा कि इस मर्डर के पीछे सिद्धू का हाथ है. विक्की लॉरेंस का खास था. अब लॉरेंस पर दबाव था कि वो बदला ले और आखिरकार उसने ले लिया. लॉरेंस कई राज्यों की जेलों में जा चुका है. 8-9 सालों से जेल में ही है. जेल टू जेल ट्रांसफर हो रहा है. हर जेल में रहने के कारण अब इसका नेटवर्क इतना स्ट्रांग हो गया है कि हर शहर में उसका बंदा है.आखिरी बार लॉरेंस से मुलाकात सिद्धू मुसेवाला मर्डर के बाद इंटेरोगेशन के दौरान हुई थी.


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पायल कपाड़िया ने रचा इतिहास, गोल्डन ग्लोब्स में हासिल किया नामांकन

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k4t2a5a_all-we-imagine-_625x300_09_December_24 पायल कपाड़िया ने रचा इतिहास, गोल्डन ग्लोब्स में हासिल किया नामांकन


नई दिल्ली:

भारत की मशहूर निर्देशन पायल कपाड़िया ने इतिहास रच डाला है. उनकी फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट को गोल्डन ग्लोब्स के सर्वश्रेष्ठ निर्देशक में नामांकन मिला है. पायल कपाड़िया के लिए गोल्डन ग्लोब्स में नामांकन हासिल करना दूसरी बड़ी कामयाबी है. इससे पहले उन्होंने फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट में इस साल के कान फिल्म महोत्सव बेस्ट डायरेक्टर और फिल्म की एक्ट्रेस अनसूया सेनगुप्ता को बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब हासिल किया था. पायल कपाड़िया को ऑल वी इमेजिन एज लाइट के लिए 77वें कान फिल्म फेस्टिवल में ग्रां प्री जीता था. 

मलयालम-हिंदी फीचर फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट की कहानी मुंबई की तीन महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सड़क मार्ग से तटीय शहर की एक यात्रा पर जाती हैं. फिल्म में कानी कुश्रुति, दिव्या प्रभा और छाया कदम ने मुख्य भूमिका निभाई है.

2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के नामांकनों की घोषणा

2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के लिए नामांकनों की सूची जारी कर दी गई है. इस साल कई शानदार फिल्में और टेलीविजन सीरीज़ इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए दौड़ में हैं. 

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (ड्रामा):  
– डोनाल्ड ग्लोवर, Mr. and Mrs. Smith  
– जैक गिलेनहाल, Presumed Innocent  
– गैरी ओल्डमैन, Slow Horses  
– एडी रेडमायने, The Day of the Jackal  
– हिरोयुकी सनाडा, Shogun  
– बिली बॉब थॉर्नटन, Landman

सर्वश्रेष्ठ मूल संगीत – मोशन पिक्चर:  
– वोल्कर बर्टलमैन, Conclave  
– डैनियल ब्लमबर्ग, The Brutalist  
– क्रिस बॉवर्स, The Wild Robot  
– क्लेमेंट ड्युकोल, Camille, Emilia Perez  
– ट्रेंट रेज़नोर और एटिकस रॉस, Challengers  
– हंस ज़िमर, Dune: Part Two

सर्वश्रेष्ठ सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:  
– Baby Reindeer  
– Disclaimer  
– Monsters: The Lyle and Erik Menendez Story  
– The Penguin  
– Ripley  
– True Detective: Night Country

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):  
– क्रिस्टन बेल, Nobody Wants This  
– क्विंटा ब्रुन्सन, Abbott Elementary  
– आयो एडेबिरी, The Bear  
– सेलेना गोमेज़, Only Murders in the Building  
– कैथरीन हान, Agatha All Along  
– जीन स्मार्ट, Hacks

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):  
– एडम ब्रोडी, Nobody Wants This  
– टेड डैन्सन, A Man on the Inside  
– स्टीव मार्टिन, Only Murders in the Building  
– जेसन सीगल, Shrinking  
– मार्टिन शॉर्ट, Only Murders in the Building  
– जेरेमी एलन व्हाइट, The Bear

सर्वश्रेष्ठ मूल गीत – मोशन पिक्चर:  
– Beautiful That Way, The Last Showgirl, संगीत और गीत: माइलि साइरस, लिक्का ली, एंड्रयू वायट  
– Compress/Repress, Challengers, संगीत और गीत: ट्रेंट रेज़नोर, एटिकस रॉस और लुका ग्वाडागिनो  
– El Mal, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल, कैमेल और जैक्स ऑडियार  
– Forbidden Road, Better Man, संगीत और गीत: रॉबी विलियम्स, फ्रेडी वेक्सलर और साचा स्कारबेक  
– Kiss The Sky, The Wild Robot, संगीत और गीत: डेलैसी, जॉर्डन जॉनसन, स्टीफन जॉनसन, मारेन मोरिस, माइकल पोलैक और अली टेम्पोसी  
– Mi Camino, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल और कैमेल

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:  
– केट ब्लैंचेट, Disclaimer  
– जोडी फोस्टर, True Detective: Night Country  
– क्रिस्टिन मिलियोटी, The Penguin  
– सोफिया वर्गारा, Griselda  
– नाओमी वॉट्स, Feud: Capote vs. The Swans  
– केट विंसलेट, The Regime

सर्वश्रेष्ठ मोशन पिक्चर – एनिमेटेड:  
– Flow  
– Inside Out 2  
– Memoir of a Snail  
– Moana 2  
– Wallace & Gromit: Vengeance Most Fowl  
– The Wild Robot

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सहायक भूमिका – मोशन पिक्चर:  
– एरियाना ग्रांडे, Wicked  
– सेलेना गोमेज़, Emilia Perez  
– फेलिसिटी जोन्स, The Brutalist  
– मार्गरेट क्वॉली, The Substance  
– इसाबेला रॉसेलिनी, Conclave  
– जोई सैलडाना, Emilia Perez

सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – मोशन पिक्चर:  
– जैक्स ऑडियार, Emilia Perez  
– सीन बेकर, Anora  
– एडवर्ड बर्गर, Conclave  
– ब्रैडी कॉर्बेट, The Brutalist  
– कोराली फार्जात, The Substance  
– पायल कपाड़िया, All We Imagine as Light

वहीं बात करें गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स की तो 82वें वार्षिक गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स का सीधा प्रसारण सीबीएस पर बेवर्ली हिल्टन से और रविवार, 5 जनवरी, 2025 को शाम 5 बजे किया जाएगा. निक्की ग्लेसर 2025 के गोल्डन ग्लोब्स की मेज़बानी करेंगी और एमी विजेता निर्माता ग्लेन वीस और रिकी किर्शनर लगातार दूसरे साल शो रनर के रूप में काम करेंगे. पहले यह घोषणा की गई थी कि वियोला डेविस को सेसिल बी. डेमिले पुरस्कार और टेड डैनसन को कैरल बर्नेट पुरस्कार मिलेगा, जो टीवी उत्कृष्टता को मान्यता देता है.




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IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फाइनेंस और टैक्सेशन के एक्सपर्ट… RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा से मिलिए

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sf14m1mo_sanjaymalhotrajpeg_625x300_09_December_24 IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फाइनेंस और टैक्सेशन के एक्सपर्ट... RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा से मिलिए


नई दिल्ली:

रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए गवर्नर अपॉइंट हुए हैं. मल्होत्रा 11 दिसंबर 2024 को RBI के 26वें गवर्नर के तौर पर कार्यभार संभालेंगे. मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 10 दिसंबर को खत्म हो रहा है. RBI गवर्नर के तौर पर मल्होत्रा का कार्यकाल 3 साल का होगा.

सरकार ने 2022 में रिजर्व बैंक (RBI) के डायरेक्टर के रूप में डिपाटर्मेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) के सचिव संजय मल्होत्रा को नॉमिनेट किया था. सोमवार को मोदी कैबिनेट ने संजय मल्होत्रा के अपॉइंटमेंट को मंजूरी दी. आइए जानते हैं कौन हैं संजय मल्होत्रा, जो देश के सेंट्रल बैंक की सारी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं:-

भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में किसी भी घटना के प्रभाव से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में: RBI

राजस्थान कैडर के IAS ऑफिसर 
संजय मल्होत्रा राजस्थान कैडर के 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई राजस्थान में ही हुई है. IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस में उन्होंने इंजीनियरिंग की है. इसके बाद अमेरिका के
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई की है.

33 साल का एक्सपीरिएंस
संजय मल्होत्रा ​​को पास 33 साल का एक्सपीरिएंस हैं. उन्होंने पावर, फाइनेंस, टैक्सेशन, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और माइन्स समेत तमाम क्षेत्रों में काम किया है. मल्होत्रा ​​के पास राज्य और केंद्र सरकार दोनों में फाइनेंस और टैक्सेशन में काम करने का अनुभव भी है.

राजकोषीय घाटा अक्टूबर के अंत में पूरे साल के लक्ष्य का 46.5 प्रतिशत: सरकारी आंकड़े

वित्त मंत्रालय में सेक्रेटरी (रेवेन्यू) के रूप में काम करने से पहले उन्होंने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग में सचिव का पद संभाला था. 

सुधारवादी अफसरों में होती है गिनती
फाइनेंस के मामलों में संजय मल्होत्रा की गिनती सुधारवादी और मजबूत काम करने वाले अफसरों में होती है. उन्हें राजस्थान के करीब सभी विभागों में काम करने का अनुभव है. वो PM मोदी के पसंदीदा अफसरों में भी शामिल हैं.

टैक्स पॉलिसी मेकिंग में अहम भूमिका
संजय मल्होत्रा ​​ने डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स के लिए टैक्स पॉलीसी मेकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 

RBI ने लगातार 11वीं बार Repo Rate में नहीं किया बदलाव, 6.50% पर बरकरार, लोन की EMI पर राहत नहीं



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150 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म को अक्षय कुमार ने अपनी गलती से बनाया फ्लॉप ? मेकर्स को लगा इतना चूना

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sjk5snho_samrat-prithviraj_625x300_17_June_22 150 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म को अक्षय कुमार ने अपनी गलती से बनाया फ्लॉप ? मेकर्स को लगा इतना चूना

अक्षय कुमार की इस आदत की वजह से फ्लॉप हुई थी मूवी सम्राट पृथ्वीराज


नई दिल्ली:

साल 2022 में अक्षय कुमार की एक फिल्म आई थी पृथ्वीराज चौहान. जैसा कि नाम से ही जाहिर है ये फिल्म पृथ्वी राज चौहान की लाइफ पर बेस्ड थी. उनके साथ उनके शौर्य के साथ उनकी संयोगिता के प्रति चाहत को भी फिल्म में दिखाया गया था. लेकिन ये फिल्म अक्षय कुमार की दूसरी फिल्मों की तरह कोई कमाल नहीं दिखा सकी थी. इसकी क्या वजह थी. फिल्म क्रिटिक और ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने इस बारे में एनडीटीवी से खास बातचीत की और बताया पृथ्वीराज चौहान दर्शकों की कसौटी पर खरी क्यों नहीं उतरी.  

 क्यों फ्लॉप हुई अक्षय कुमार की मूवी?

एनडीटीवी ने कोमल नाहटा से जानना चाहा कि क्या बॉलीवुड के एक्टर्स साउथ के हीरोज जितनी मेहनत, रोल में उतरने के लिए नहीं करते हैं. इसके जवाब में कोमल नाहटा ने कहा कि ये कहना गलत होगा कि बॉलीवुड के एक्टर्स रोल में ढलने के लिए मेहनत नहीं करते हैं. शाहरुख खान, आमिर खान जैसे स्टार्स भरपूर मेहनत करते हैं. उन्होंने सम्राट पृथ्वीराज मूवी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी फिल्म बनाना हो तो मेहनत ज्यादा लगती है. जो अक्षय कुमार ने इस फिल्म के लिए नहीं की. इस फिल्म में पृथ्वीराज चौहान के हाव भाव पकड़ने के लिए थोड़ी ज्यादा मेहनत की जानी चाहिए थी. लेकिन रोल में उतरने की कोशिश ही नहीं की गई. जिसका नतीजा ये हुआ कि फिल्म को दर्शकों ने पसंद नहीं किया.

दो साल पहले रिलीज हुई थी फिल्म

अक्षय कुमार की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज साल 2022 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में मिस वर्ल्ड रही मानुषी छिल्लर संयोगिता के रोल में थीं. सोनू सूद, चंदर वरदाई के रोल में थे. आशुतोष राणा ने जय चंद्र का रोल अदा किया था. फिल्म से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स में इसका बजट करीब 200 करोड़ रु. बताया गया. लेकिन फिल्म सौ करोड़ का मार्क भी टच नहीं कर पाई. इस फिल्म को डिजास्टर मूवी माना गया.



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