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क्या है मेवाड़ राजपरिवार का बवाल? जानिए उदयपुर सिटी पैलेस में मचे हंगामे की ABCD

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नई दिल्‍ली :

मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्‍य विश्वराज सिंह और उनके समर्थकों को उदयपुर के सिटी पैलेस में प्रवेश नहीं करने देने को लेकर जमकर बवाल हुआ है. मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के मुखिया को गद्दी पर बैठाने के बाद अन्‍य रस्‍मों को निभाने के लिए विश्वराज अपने समर्थकों के साथ सिटी पैलेस पहुंचे थे. हालांकि उन्‍हें सिटी पैलेस में प्रवेश नहीं करने दिया गया और सिटी पैलेस के अंदर से पथराव किया गया. इसके बाद सिटी पैलेस के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. आइए जानते हैं कि मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार का विवाद क्‍या है और आखिर सिटी पैलेसे में मचे हंगामे की असल वजह क्‍या है?

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भाजपा विधायक विश्वराज सिंह को सोमवार को चित्तौड़गढ़ के किले में आयोजित एक कार्यक्रम में मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के मुखिया की गद्दी पर बैठाने की रस्म निभाई गई.  विश्वराज के पिता महेंद्र सिंह मेवाड़ का इस महीने के शुरू में निधन हो गया था. विश्वराज को गद्दी पर बैठाने का ‘दस्तूर’ (रस्म) कार्यक्रम चित्तौड़गढ़ किले के फतहप्रकाश महल में आयोजित किया गया और इसमें कई राज परिवारों के प्रमुख शामिल हुए. 

दोनों भाइयों में काफी समय से विवाद 

महेंद्र सिंह और उनके अलग हुए छोटे भाई अरविंद सिंह मेवाड़ के बीच काफी वक्‍त से विवाद चल रहा है. अरविंद सिंह ने दस्तूर कार्यक्रम के तहत विश्वराज के एकलिंग नाथ मंदिर और उदयपुर में सिटी पैलेस में जाने के खिलाफ सार्वजनिक नोटिस जारी किया है. 

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आपसी पारिवारिक विवाद के बीच अरविंद सिंह मेवाड़ और उनके बेटे लक्ष्यराज सिंह ने इसे पूरी तरीके से गैरकानूनी कहा है. अरविंद सिंह मेवाड़ का कहना है कि मेवाड़ राजघराना एक ट्रस्ट के जरिए चलता है, जिसका संचालन उनके पिता ने उन्हें दे रखा है. ऐसे में राजगद्दी का अधिकार मेरे और मेरे बेटे का है. 

इस तरह से जानिए क्‍या है विवाद 

मेवाड़ के पूर्व राजघराने की नई पीढ़ियों में मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा है. इनका मैनेजमेंट 9 ट्रस्ट के पास है. राजघराने की गद्दी को संभालने के लिए महाराणा भगवत सिंह ने ‘महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन’ संस्था शुरू की. यह संस्था उदयपुर में सिटी पैलेस संग्रहालय चलाती है. 

इन सभी ट्रस्ट को विश्वराज सिंह के चाचा अरविंद सिंह मेवाड़ और चचेरे भाई लक्ष्य राज सिंह मेवाड़ ही संभालते हैं. अरविंद सिंह मेवाड़ इस चैरिटबल ट्रस्‍ट के चेयरमैन हैं. 

जानिए कैसे हुई विवाद की शुरुआत 

मेवाड़ में 1955 में भगवंत सिंह महाराणा बने. उनके जीवनकाल में ही संपत्ति को लेकर यह विवाद शुरू हो गया था. दरअसल, जब भगवंत सिंह ने मेवाड़ में अपनी पैतृक संपत्तियों को बेचना या लीज पर देना शुरू किया तो यह बात उनके बड़े बेटे महेंद्र सिंह को पसंद नहीं आई. नाराज महेंद्र सिंह ने अपने पिता के खिलाफ केस दायर कर दिया और पैतृक संपत्तियों को हिंदू उत्तराधिकार कानून के तहत बांटने की मांग की. 

इसके बाद भगवंत सिंह ने 15 मई 1984 को अपनी वसीयत में छोटे बेटे अरविंद सिंह को संपत्तियों का एक्‍ज्‍यूक्‍यूटर बना दिया. साथ ही महेंद्र सिंह को ट्रस्‍ट और संपत्ति से बेदखल कर दिया गया. वहीं उसी साल तीन नवंबर को भगवत सिंह का निधन हो गया. 

अरविंद सिंह के नियंत्रण में महल-मंदिर 

मंदिर और महल दोनों ही अरविंद सिंह के नियंत्रण में हैं, जो उदयपुर में श्री एकलिंग जी ट्रस्ट के अध्यक्ष और प्रबंध न्यासी हैं. उनके वकील की तरफ से अखबारों में दिये गये दो सार्वजनिक नोटिस में आरोप लगाया गया कि समारोह के नाम पर “आपराधिक अतिचार” करने का प्रयास किया जा रहा है और अनधिकृत व्यक्तियों का मंदिर और सिटी पैलेस में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. इस नोटिस के बाद सिटी पैलेस के गेट के बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. 

नोटिस में कहा गया है कि मंदिर ट्रस्ट ने ट्रस्ट द्वारा अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश देने का फैसला किया है. सिटी पैलेस में प्रवेश के लिए भी इसी तरह का नोटिस जारी किया गया. नोटिस में वकील ने कहा कि जबरन प्रवेश या किसी भी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी. 

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सिटी पैलेस पहुंचे थे विश्‍वराज सिंह 

चित्तौड़गढ़ किले में कार्यक्रम के बाद विश्वराज और उनके समर्थक शाम को सिटी पैलेस में स्थित एक जगह और एकलिंगनाथजी मंदिर में दर्शन करने के लिए उदयपुर पहुंचे थे, लेकिन भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण वे अंदर प्रवेश नहीं कर सके. 

उनके समर्थकों ने बैरिकेडिंग लांघने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने विश्वराज और उनके समर्थकों से बातचीत कर मामले को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही. 

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सिटी पैलेस के अंदर से पथराव 

उदयपुर के जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल और पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल भी सिटी पैलेस के गेट पर मौजूद थे. उन्होंने मामले को सुलझाने के लिए विश्वराज और उसके बाद अरविंद सिंह मेवाड़ के बेटे से बात की. हालांकि सिंह को प्रवेश नहीं दिया गया और वह सिटी पैलेस से कुछ मीटर दूर जगदीश चौक पर बैठे हैं. 

इस बीच विश्वराज सिंह के कई समर्थक उनके समर्थन में जगदीश चौक पर एकत्र हुए. देर रात में सिटी पैलेस के अंदर से पथराव भी हुआ. 

खून से राजतिलक की परंपरा 

चित्तौड़ दुर्ग के फतेह प्रकाश महल में व‍िश्‍वराज सिंह को राजगद्दी पर बैठाया गया. इस दौरान तलवार की धार से अंगूठे को काटकर उनका राजतिलक किया गया. इस परंपरा का निर्वहन सलूंबर ठिकानेदार द्वारा किया जाता है. राजतिलक के बाद वि‍श्‍वराज स‍िंह मेवाड़ लोगों से मिले और उन्‍हें प्रयागगिरी महाराज की धूणी पर दर्शन करने और कुलदेवता एकलिंगजी महादेव मंद‍िर में पूजा-अर्चना करनी थी. 

मेवाड़ की शासक परंपरा के अनुसार शासक खुद को एकलिंगनाथ जी का दीवान मानते हैं. ऐसे में विश्वराज सिंह इस परंपरा को निभाते हुए एकलिंगजी महादेव मंदिर में दर्शन करने जाना था. 

चितौड़गढ़ से सांसद रहे थे महेंद्र सिंह 

उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और पूर्व सांसद महेंद्र सिंह मेवाड़ का पिछले हफ्ते 83 साल की उम्र में निधन हो गया था। महेंद्र सिंह मेवाड़ 16वीं शताब्दी के राजपूत राजा महाराणा प्रताप के वंशज थे, जिन्होंने 1597 में अपनी मृत्यु तक मेवाड़ पर शासन किया था। महेंद्र सिंह 1989 में भाजपा के टिकट पर चित्तौड़गढ़ सीट से लोकसभा के लिए चुने गए थे। महेंद्र सिंह मेवाड़ के बेटे विश्वराज सिंह मेवाड़ राजसमंद जिले की नाथद्वारा सीट से भाजपा विधायक हैं। उनकी बहू महिमा कुमारी राजसमंद से भाजपा सांसद हैं. 


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पायल कपाड़िया ने रचा इतिहास, गोल्डन ग्लोब्स में हासिल किया नामांकन

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k4t2a5a_all-we-imagine-_625x300_09_December_24 पायल कपाड़िया ने रचा इतिहास, गोल्डन ग्लोब्स में हासिल किया नामांकन


नई दिल्ली:

भारत की मशहूर निर्देशन पायल कपाड़िया ने इतिहास रच डाला है. उनकी फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट को गोल्डन ग्लोब्स के सर्वश्रेष्ठ निर्देशक में नामांकन मिला है. पायल कपाड़िया के लिए गोल्डन ग्लोब्स में नामांकन हासिल करना दूसरी बड़ी कामयाबी है. इससे पहले उन्होंने फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट में इस साल के कान फिल्म महोत्सव बेस्ट डायरेक्टर और फिल्म की एक्ट्रेस अनसूया सेनगुप्ता को बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब हासिल किया था. पायल कपाड़िया को ऑल वी इमेजिन एज लाइट के लिए 77वें कान फिल्म फेस्टिवल में ग्रां प्री जीता था. 

मलयालम-हिंदी फीचर फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट की कहानी मुंबई की तीन महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सड़क मार्ग से तटीय शहर की एक यात्रा पर जाती हैं. फिल्म में कानी कुश्रुति, दिव्या प्रभा और छाया कदम ने मुख्य भूमिका निभाई है.

2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के नामांकनों की घोषणा

2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के लिए नामांकनों की सूची जारी कर दी गई है. इस साल कई शानदार फिल्में और टेलीविजन सीरीज़ इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए दौड़ में हैं. 

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (ड्रामा):  
– डोनाल्ड ग्लोवर, Mr. and Mrs. Smith  
– जैक गिलेनहाल, Presumed Innocent  
– गैरी ओल्डमैन, Slow Horses  
– एडी रेडमायने, The Day of the Jackal  
– हिरोयुकी सनाडा, Shogun  
– बिली बॉब थॉर्नटन, Landman

सर्वश्रेष्ठ मूल संगीत – मोशन पिक्चर:  
– वोल्कर बर्टलमैन, Conclave  
– डैनियल ब्लमबर्ग, The Brutalist  
– क्रिस बॉवर्स, The Wild Robot  
– क्लेमेंट ड्युकोल, Camille, Emilia Perez  
– ट्रेंट रेज़नोर और एटिकस रॉस, Challengers  
– हंस ज़िमर, Dune: Part Two

सर्वश्रेष्ठ सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:  
– Baby Reindeer  
– Disclaimer  
– Monsters: The Lyle and Erik Menendez Story  
– The Penguin  
– Ripley  
– True Detective: Night Country

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):  
– क्रिस्टन बेल, Nobody Wants This  
– क्विंटा ब्रुन्सन, Abbott Elementary  
– आयो एडेबिरी, The Bear  
– सेलेना गोमेज़, Only Murders in the Building  
– कैथरीन हान, Agatha All Along  
– जीन स्मार्ट, Hacks

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):  
– एडम ब्रोडी, Nobody Wants This  
– टेड डैन्सन, A Man on the Inside  
– स्टीव मार्टिन, Only Murders in the Building  
– जेसन सीगल, Shrinking  
– मार्टिन शॉर्ट, Only Murders in the Building  
– जेरेमी एलन व्हाइट, The Bear

सर्वश्रेष्ठ मूल गीत – मोशन पिक्चर:  
– Beautiful That Way, The Last Showgirl, संगीत और गीत: माइलि साइरस, लिक्का ली, एंड्रयू वायट  
– Compress/Repress, Challengers, संगीत और गीत: ट्रेंट रेज़नोर, एटिकस रॉस और लुका ग्वाडागिनो  
– El Mal, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल, कैमेल और जैक्स ऑडियार  
– Forbidden Road, Better Man, संगीत और गीत: रॉबी विलियम्स, फ्रेडी वेक्सलर और साचा स्कारबेक  
– Kiss The Sky, The Wild Robot, संगीत और गीत: डेलैसी, जॉर्डन जॉनसन, स्टीफन जॉनसन, मारेन मोरिस, माइकल पोलैक और अली टेम्पोसी  
– Mi Camino, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल और कैमेल

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:  
– केट ब्लैंचेट, Disclaimer  
– जोडी फोस्टर, True Detective: Night Country  
– क्रिस्टिन मिलियोटी, The Penguin  
– सोफिया वर्गारा, Griselda  
– नाओमी वॉट्स, Feud: Capote vs. The Swans  
– केट विंसलेट, The Regime

सर्वश्रेष्ठ मोशन पिक्चर – एनिमेटेड:  
– Flow  
– Inside Out 2  
– Memoir of a Snail  
– Moana 2  
– Wallace & Gromit: Vengeance Most Fowl  
– The Wild Robot

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सहायक भूमिका – मोशन पिक्चर:  
– एरियाना ग्रांडे, Wicked  
– सेलेना गोमेज़, Emilia Perez  
– फेलिसिटी जोन्स, The Brutalist  
– मार्गरेट क्वॉली, The Substance  
– इसाबेला रॉसेलिनी, Conclave  
– जोई सैलडाना, Emilia Perez

सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – मोशन पिक्चर:  
– जैक्स ऑडियार, Emilia Perez  
– सीन बेकर, Anora  
– एडवर्ड बर्गर, Conclave  
– ब्रैडी कॉर्बेट, The Brutalist  
– कोराली फार्जात, The Substance  
– पायल कपाड़िया, All We Imagine as Light

वहीं बात करें गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स की तो 82वें वार्षिक गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स का सीधा प्रसारण सीबीएस पर बेवर्ली हिल्टन से और रविवार, 5 जनवरी, 2025 को शाम 5 बजे किया जाएगा. निक्की ग्लेसर 2025 के गोल्डन ग्लोब्स की मेज़बानी करेंगी और एमी विजेता निर्माता ग्लेन वीस और रिकी किर्शनर लगातार दूसरे साल शो रनर के रूप में काम करेंगे. पहले यह घोषणा की गई थी कि वियोला डेविस को सेसिल बी. डेमिले पुरस्कार और टेड डैनसन को कैरल बर्नेट पुरस्कार मिलेगा, जो टीवी उत्कृष्टता को मान्यता देता है.




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IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फाइनेंस और टैक्सेशन के एक्सपर्ट… RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा से मिलिए

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sf14m1mo_sanjaymalhotrajpeg_625x300_09_December_24 IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फाइनेंस और टैक्सेशन के एक्सपर्ट... RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा से मिलिए


नई दिल्ली:

रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए गवर्नर अपॉइंट हुए हैं. मल्होत्रा 11 दिसंबर 2024 को RBI के 26वें गवर्नर के तौर पर कार्यभार संभालेंगे. मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 10 दिसंबर को खत्म हो रहा है. RBI गवर्नर के तौर पर मल्होत्रा का कार्यकाल 3 साल का होगा.

सरकार ने 2022 में रिजर्व बैंक (RBI) के डायरेक्टर के रूप में डिपाटर्मेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) के सचिव संजय मल्होत्रा को नॉमिनेट किया था. सोमवार को मोदी कैबिनेट ने संजय मल्होत्रा के अपॉइंटमेंट को मंजूरी दी. आइए जानते हैं कौन हैं संजय मल्होत्रा, जो देश के सेंट्रल बैंक की सारी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं:-

भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में किसी भी घटना के प्रभाव से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में: RBI

राजस्थान कैडर के IAS ऑफिसर 
संजय मल्होत्रा राजस्थान कैडर के 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई राजस्थान में ही हुई है. IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस में उन्होंने इंजीनियरिंग की है. इसके बाद अमेरिका के
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई की है.

33 साल का एक्सपीरिएंस
संजय मल्होत्रा ​​को पास 33 साल का एक्सपीरिएंस हैं. उन्होंने पावर, फाइनेंस, टैक्सेशन, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और माइन्स समेत तमाम क्षेत्रों में काम किया है. मल्होत्रा ​​के पास राज्य और केंद्र सरकार दोनों में फाइनेंस और टैक्सेशन में काम करने का अनुभव भी है.

राजकोषीय घाटा अक्टूबर के अंत में पूरे साल के लक्ष्य का 46.5 प्रतिशत: सरकारी आंकड़े

वित्त मंत्रालय में सेक्रेटरी (रेवेन्यू) के रूप में काम करने से पहले उन्होंने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग में सचिव का पद संभाला था. 

सुधारवादी अफसरों में होती है गिनती
फाइनेंस के मामलों में संजय मल्होत्रा की गिनती सुधारवादी और मजबूत काम करने वाले अफसरों में होती है. उन्हें राजस्थान के करीब सभी विभागों में काम करने का अनुभव है. वो PM मोदी के पसंदीदा अफसरों में भी शामिल हैं.

टैक्स पॉलिसी मेकिंग में अहम भूमिका
संजय मल्होत्रा ​​ने डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स के लिए टैक्स पॉलीसी मेकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 

RBI ने लगातार 11वीं बार Repo Rate में नहीं किया बदलाव, 6.50% पर बरकरार, लोन की EMI पर राहत नहीं



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150 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म को अक्षय कुमार ने अपनी गलती से बनाया फ्लॉप ? मेकर्स को लगा इतना चूना

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अक्षय कुमार की इस आदत की वजह से फ्लॉप हुई थी मूवी सम्राट पृथ्वीराज


नई दिल्ली:

साल 2022 में अक्षय कुमार की एक फिल्म आई थी पृथ्वीराज चौहान. जैसा कि नाम से ही जाहिर है ये फिल्म पृथ्वी राज चौहान की लाइफ पर बेस्ड थी. उनके साथ उनके शौर्य के साथ उनकी संयोगिता के प्रति चाहत को भी फिल्म में दिखाया गया था. लेकिन ये फिल्म अक्षय कुमार की दूसरी फिल्मों की तरह कोई कमाल नहीं दिखा सकी थी. इसकी क्या वजह थी. फिल्म क्रिटिक और ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने इस बारे में एनडीटीवी से खास बातचीत की और बताया पृथ्वीराज चौहान दर्शकों की कसौटी पर खरी क्यों नहीं उतरी.  

 क्यों फ्लॉप हुई अक्षय कुमार की मूवी?

एनडीटीवी ने कोमल नाहटा से जानना चाहा कि क्या बॉलीवुड के एक्टर्स साउथ के हीरोज जितनी मेहनत, रोल में उतरने के लिए नहीं करते हैं. इसके जवाब में कोमल नाहटा ने कहा कि ये कहना गलत होगा कि बॉलीवुड के एक्टर्स रोल में ढलने के लिए मेहनत नहीं करते हैं. शाहरुख खान, आमिर खान जैसे स्टार्स भरपूर मेहनत करते हैं. उन्होंने सम्राट पृथ्वीराज मूवी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी फिल्म बनाना हो तो मेहनत ज्यादा लगती है. जो अक्षय कुमार ने इस फिल्म के लिए नहीं की. इस फिल्म में पृथ्वीराज चौहान के हाव भाव पकड़ने के लिए थोड़ी ज्यादा मेहनत की जानी चाहिए थी. लेकिन रोल में उतरने की कोशिश ही नहीं की गई. जिसका नतीजा ये हुआ कि फिल्म को दर्शकों ने पसंद नहीं किया.

दो साल पहले रिलीज हुई थी फिल्म

अक्षय कुमार की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज साल 2022 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में मिस वर्ल्ड रही मानुषी छिल्लर संयोगिता के रोल में थीं. सोनू सूद, चंदर वरदाई के रोल में थे. आशुतोष राणा ने जय चंद्र का रोल अदा किया था. फिल्म से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स में इसका बजट करीब 200 करोड़ रु. बताया गया. लेकिन फिल्म सौ करोड़ का मार्क भी टच नहीं कर पाई. इस फिल्म को डिजास्टर मूवी माना गया.



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