Blog

UP में देश की पहली ‘नाइट सफारी’ दिसंबर 2026 तक शुरू होगी: CM योगी आदित्यनाथ

Published

on

[ad_1]


लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में बनने जा रही देश की पहली ‘नाइट सफारी’ का काम जून 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश देते हुए मंगलवार को कहा कि लगभग 900 एकड़ क्षेत्र में फैली इस ‘नाइट सफारी’ को दिसंबर 2026 तक जनता के लिये खोल दिया जाएगा. मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में प्रस्तावित ‘कुकरैल नाइट सफारी पार्क’ एवं चिड़ियाघर का प्रस्तुतिकरण दिया गया. आदित्यनाथ ने इस मौके पर ‘नाइट सफारी’ का काम जून 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए.

राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक ‘‘लखनऊ में बन रही यह ‘नाइट सफारी’ देश की पहली और दुनिया की पांचवीं होगी. यह देश और दुनिया के प्रकृति प्रेमियों के लिए एक नया गंतव्य स्थल होगा. राजधानी के कुकरैल इलाके के 900 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फैली इस ‘नाइट सफारी’ को चरणबद्ध तरीके से तैयार किया जाएगा. इसमें जलपान क्षेत्र, 7डी थियेटर, सभागार और पार्किंग समेत अनेक सुविधाएं होंगी.”

बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह (नाइट सफारी) राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है. इसके निर्माण के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अनुमति मिल चुकी है.”

उन्होंने कहा कि ‘नाइट सफारी’ विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगी और इस परियोजना को लखनऊ स्थित अन्य पर्यटन स्थलों से भी जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि ‘नाइट सफारी’ परियोजना के तहत पर्यावरणीय पर्यटन क्षेत्र भी विकसित किया जाएगा. आदित्यनाथ ने जानवरों को चिह्नित करने, उन्हें लाने और पृथकवास में रखने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिये हैं. उन्होंने कहा कि ‘नाइट सफारी’ क्षेत्र में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के निर्देश भी दिये.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ‘नाइट सफारी’ क्षेत्र में पृथकवास केंद्र, वन्य जीव के लिए अस्पताल की समुचित व्यवस्था हो. उन्होंने कहा कि सुपरमैन जिपलाइन, तीरंदाजी, जिप लाइन, बुरमा ब्रिज, पैडल बोट, स्काई रोलर आदि रोमांचकारी गतिविधियां की व्यवस्था की जाएगी.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘डे सफारी’ (दिन के समय सफारी) का विस्तार दूसरे चरण में होगा. नाइट सफारी में एशियाई बब्बर शेर, घड़ियाल, बंगाल टाइगर, उड़न गिलहरी, तेंदुआ और लकड़बग्घे आदि आकर्षण का केंद्र होंगे.

इसके अलावा कुकरैल वन क्षेत्र में स्थापित होने वाले चिड़ियाघर में सारस, हिमालयन भालू, दक्षिण अफ्रीकी जिराफ, अफ्रीकी शेर और चिंपाजी मुख्य आकर्षण होंगे. चिड़ियाघर को ‘अफ्रीकन सवाना’, अतुल्य भारत, ‘इंजीनियर्ड वेटलैंड’ नामक थीम क्षेत्रों पर विकसित किया जाएगा.


[ad_2]

Source link

Share this content:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

Exit mobile version