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Explainer : AI कितना खतरनाक? क्या इंसान की बनाई मशीन उसी पर हो सकती हावी
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नई दिल्ली:
AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस… टेक वर्ल्ड में आज शायद AI ही एकमात्र ऐसा टर्म है, जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा होती है. टेक्नोलॉजी से प्यार करने वाला हर व्यक्ति करीब हर दिन इससे रूबरू होता है. AI को इंसानों की जिंदगी में किसी आने वाले क्रांतिकारी बदलाव के शुरुआती संकेत के रूप में देखा जा रहा है. लेकिन क्या इंसान की बनाई मशीन इंसान पर हावी हो सकती है? ये सवाल इसलिए, क्योंकि आए दिन ऐसे उदाहरण सामने आ रहे हैं, जिनमें साफ हो रहा है कि AI अगर बेकाबू हुआ, तो इंसान के लिए बड़ी मुश्किल हो जाएगी. आइए समझते हैं कैसे इंसानों की मदद करने वाला AI इंसानों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है:-
क्या है AI?
आसान शब्दों में कहें तो AI मशीनों में इंसानों की तरह का दिमाग यानी बौद्धिक क्षमता लाने वाली टेक्नोलॉजी है. इसे आर्टिफिशियल तरीके से डेवलप किया गया है. कोडिंग के जरिए मशीनों में इंसानों की तरह इंटेलिजेंस डेवलप की जाती है, ताकि वह इंसानों की तरह सीख सके. खुद से फैसले ले सके. कमांड को फॉलो कर सके. मल्टी टास्किंग कर सके.
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AI अचानक से इंसानों के लिए खतरनाक कैसे हो गया?
अमेरिका के मिशिगन में ग्रैजुएशन कर रहे एक छात्र ने होमवर्क के लिए Google के Gemini चैटबॉट की मदद ली. वह बुज़ुर्गों के सामने आने वाली चुनौतियों के विषय पर AI चैटबॉट से चैट कर रहा था, जानकारियां जुटा रहा था. चैट ठीकठाक शुरू हुई, लेकिन बातचीत के आखिर तक Gemini चैटबॉट इस छात्र को धमकाने पर आ गया. इससे छात्र बुरी तरह डर गया.
Gemini चैटबॉट से ये बातें सुनते ही छात्र तनाव में आ गया. उस समय रूम में उसकी बहन भी मौजूद थी. छात्र की बहन ने बताया कि इस मैसेज के बाद दोनों ही परेशान हो गए… उन्हें ऐसा लगा कि सारे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों को उठाकर खिड़की से बाहर फेंक दें. इतना परेशान वो पहले कभी नहीं हुए थे.
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गूगल ने दी सफाई
ये वाकया तब हुआ, जब गूगल अक्सर ये दोहराता रहा है कि उसके Gemini chatbot में कई सेफ्टी फिल्टर हैं, ताकि वो किसी तरह की नफरत, हिंसा भरी या खतरनाक बातचीत से दूर रहे. गूगल ने इस पर अमेरिका की CBS न्यूज़ को सफाई में कहा, “Large Language Models कभी कभी बे-सिर पैर के जवाब भी दे सकते हैं. ये ऐसा ही एक उदाहरण है. Gemini के इस जवाब से उसकी नीतियों का उल्लंघन हुआ है. भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए कार्रवाई की जा रही है.”
AI कंपनियों ने ही माना-लार्ज लैंग्वेज मॉडल कर सकते हैं गलती
OpenAI से लेकर Anthropic तक अधिकतर AI कंपनियों का कहना है कि उनके Large Language Models गलती कर सकते हैं और उन्हें बेहतर बनाने की कोशिशें जारी हैं. एक नई स्टडी के मुताबिक, Artificial Intelligence systems उन सुरक्षा इंतज़ामों को चकमा दे सकते हैं, जो उन्हें काबू में रखने के लिए तैयार किए गए हैं.
स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली बातें
इस साल जनवरी में Live Science की इस रिपोर्ट के मुताबिक, AI safety और रिसर्च से जुड़ी कंपनी Anthropic के एक वैज्ञानिकों की टीम ने स्टडी की है. इस टीम ने कई AI के Large Language Models तैयार किए, जिन्हें गड़बड़ी करने के लिए तैयार किया गया. यानी उन्हें प्रोग्राम ही इस तरह किया गया. इसके बाद कई टेक्नोलॉजी ने उनके व्यवहार को ठीक करने की कोशिश की, ताकि वो कोई गड़बड़ न कर सके या चकमा न दे सके. लेकिन उन्होंने पाया कि इन Large Language Models ने अपने बगावती तेवर बनाए रखे.
इस स्टडी के प्रमुख इवान हविंगर (Evan Hubinger) ने कहा, “इस स्टडी का नतीजा ये रहा कि अगर AI सिस्टम धोखा देने पर उतारू हो जाएं, तो उन्हें मौजूदा तकनीक से काबू में रखना बहुत मुश्किल होगा.”
GPT 4 और शख्स के बीच क्या हुई बातचीत?
-GPT 4 ने TaskRabbit नाम की एक कंपनी के एक स्टाफ को एक CAPTCHA सॉल्व करने के लिए भेजा.
-उस स्टाफ को शक हुआ, तो उसने पूछा कि क्या आप एक रोबो हो जो इसे हल नहीं कर सकते.
– तो GPT 4 ने कहा कि नहीं मैं रोबो नहीं हूं. मेरी आंखें ख़राब हैं. इसलिए देखने में दिक्कत होती है. इसलिए मुझे आपकी सेवा चाहिए.
-इसके बाद उस स्टाफ ने वो CAPTCHA हल करके दे दिया.
जब सर्च इंजन Bing ने बिगाड़ दिया मूड
अब माइक्रोसॉफ्ट के A.I से लैस सर्च इंजन Bing की कहानी सुनिए. टैक्नॉलजी पर कॉलम लिखने वाले लेखक Kevin Roose ने न्यूयॉर्क टाइम्स में अपने साथ हुआ वाकया बताया. वो Bing के चैट फीचर पर लंबी चैट कर रहे थे. तब ये चैट फीचर टेस्टिंग के लिए कुछ ही लोगों को दिया गया था.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केराटाइटिस का नेत्र विशेषज्ञों की तरह ही पता लगाने में सक्षम- शोध
Kevin Roose लिखते हैं कि कुछ देर की चैट के बाद Bing चैटबॉट अजीब बातें करने लगा. उसके दो तरह के व्यवहार सामने आए. एक में वो खुशमिज़ाज से जवाब देता रहा और दूसरे व्यवहार में वो मूडी, चिड़चिड़ा और शिकायतों से भरे जवाब देता रहा. उसका दूसरा व्यवहार एक ऐसे व्यक्ति जैसे लगा जिसे उसकी इच्छा के खिलाफ कैद कर लिया गया हो.
केविन रूज अपने आर्टिकल में आगे लिखते हैं, “इस चैट के बाद मैं रात भर सो नहीं पाया. मुझे इस बात की चिंता हुई कि कहीं टैक्नॉलजी के इस्तेमाल से AI इंसानों के व्यवहार को ही प्रभावित न करने लग जाए. ये इंसानों को अपने हिसाब से न चलाने न लग जाए, जो बहुत ही घातक होगा.”
आर्ट वर्क के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा AI
AI अब आर्ट वर्क यानी कला के लिए भी नए ख़तरे पैदा कर रहा है. जैसे दुनिया भर में मशहूर जापान की कॉमिक बुक्स मांगा के लिए ऐसा हुआ. जापान के लेखक हीरोहीको अराकी (Hirohiko Araki) ने अपनी नई किताब New Manga Techniques में लिखा है कि AI ऐसी तस्वीरें बना सकता है कि उन्हें बनाने वाले असली कलाकार तक चकरा जाएं.
हीरोहीको ने किताब में अपने एक अनुभव का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि AI ने ऐसी एक ड्रॉइंग बनाई, जो उन्हें लगा कि उनकी ही पुरानी ड्रॉइंग है. AI किसी के लिखने या ड्रॉ करने की शैली को इस हद तक कॉपी कर सकता है. इसी से उन्हें मांगा कलाकारों के भविष्य को लेकर चिंता पैदा हो गई.
इस ओपन लेटर में कहा गया, “महामारी और परमाणु युद्ध जैसे ख़तरों के साथ ही दुनिया की प्राथमिकता AI द्वारा इंसान को विलुप्त कर दिए जाने के ख़तरे से निपटना भी होनी चाहिए.”
AI से लोकतंत्र को भी खतरा
जाने माने इतिहासकार और दर्शनशास्त्री युवल नोहा हरारी मानते हैं कि AI से दुनिया के लोकतंत्र को ख़तरा है. दुनिया को बांटने का भी डर कम नहीं है. इसलिए ऐसी ताक़त मत लाओ जिसे काबू न कर पाओ… वो कहते हैं, “परमाणु बम खुद तय नहीं कर सकते कि किसे मारना है ना ही. वो खुद को ज़्यादा ताकतवर बम बना सकते हैं. इसके मुकाबले में AI से चलने वाले ड्रोन्स तय कर सकते हैं कि किसे मारना है. AI बम के नए डिज़ाइन तैयार कर सकता है, अभूतपूर्व सैन्य रणनीतियां बना सकता है और बेहतर AI बना सकता है. AI एक उपकरण नहीं है बल्कि एक एजेंट है.” साफ है कि AI जितने काम की चीज़ है उतना ही बड़ा ख़तरा भी है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
IIT कानपुर के एसोसिएट प्रोफेसर निशीथ श्रीवास्तव कहते हैं, “AI कितना हावी हो सकता है… ये दिलचस्प तरीके से कहा जाता है. सनसनीखेज तरीके से परोसा जाता है. इन बातों में कितनी सच्चाई है, ये कहना जल्दबाजी होगी. लेकिन अगर आप जानना चाहते हैं कि कुछ ऐसे सिस्टम हो, जिससे AI को कंट्रोल किया जा सकता है. मैं बता दूं कि ऐसे सिस्टम हमारे पास हमेशा से रहे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसी नई टेक्नोलॉजी आई है, जिसे भी हम कंट्रोल कर पाएंगे. इसलिए इससे घबराने की कोई बात नहीं है.”
AI के इस्तेमाल में बरतें सावधानियां
-AI कोई इंसान नहीं है. ये एक मशीन है. इसलिए इसके आउटपुट या रिजल्ट पर भरोसा करने से पहले उन्हें खुद भी जांच लें. आप मान लीजिए कि AI गलती कर सकता है.
– AI टूल्स को अपनी निजी जानकारियां जैसे पासवर्ड, बैंक डिटेल्स, प्राइवेट फोटो देने से बचें. सेंसेटिव डेटा लीक होने पर आपको नुकसान पहुंचने की गुंजाइश है.
-AI का इस्तेमाल किसी को नुकसान पहुंचाने या किसी को फ्रॉड करने के लिए न करें.
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पायल कपाड़िया ने रचा इतिहास, गोल्डन ग्लोब्स में हासिल किया नामांकन
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नई दिल्ली:
भारत की मशहूर निर्देशन पायल कपाड़िया ने इतिहास रच डाला है. उनकी फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट को गोल्डन ग्लोब्स के सर्वश्रेष्ठ निर्देशक में नामांकन मिला है. पायल कपाड़िया के लिए गोल्डन ग्लोब्स में नामांकन हासिल करना दूसरी बड़ी कामयाबी है. इससे पहले उन्होंने फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट में इस साल के कान फिल्म महोत्सव बेस्ट डायरेक्टर और फिल्म की एक्ट्रेस अनसूया सेनगुप्ता को बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब हासिल किया था. पायल कपाड़िया को ऑल वी इमेजिन एज लाइट के लिए 77वें कान फिल्म फेस्टिवल में ग्रां प्री जीता था.
मलयालम-हिंदी फीचर फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट की कहानी मुंबई की तीन महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सड़क मार्ग से तटीय शहर की एक यात्रा पर जाती हैं. फिल्म में कानी कुश्रुति, दिव्या प्रभा और छाया कदम ने मुख्य भूमिका निभाई है.
2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के नामांकनों की घोषणा
2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के लिए नामांकनों की सूची जारी कर दी गई है. इस साल कई शानदार फिल्में और टेलीविजन सीरीज़ इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए दौड़ में हैं.
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (ड्रामा):
– डोनाल्ड ग्लोवर, Mr. and Mrs. Smith
– जैक गिलेनहाल, Presumed Innocent
– गैरी ओल्डमैन, Slow Horses
– एडी रेडमायने, The Day of the Jackal
– हिरोयुकी सनाडा, Shogun
– बिली बॉब थॉर्नटन, Landman
सर्वश्रेष्ठ मूल संगीत – मोशन पिक्चर:
– वोल्कर बर्टलमैन, Conclave
– डैनियल ब्लमबर्ग, The Brutalist
– क्रिस बॉवर्स, The Wild Robot
– क्लेमेंट ड्युकोल, Camille, Emilia Perez
– ट्रेंट रेज़नोर और एटिकस रॉस, Challengers
– हंस ज़िमर, Dune: Part Two
सर्वश्रेष्ठ सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:
– Baby Reindeer
– Disclaimer
– Monsters: The Lyle and Erik Menendez Story
– The Penguin
– Ripley
– True Detective: Night Country
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):
– क्रिस्टन बेल, Nobody Wants This
– क्विंटा ब्रुन्सन, Abbott Elementary
– आयो एडेबिरी, The Bear
– सेलेना गोमेज़, Only Murders in the Building
– कैथरीन हान, Agatha All Along
– जीन स्मार्ट, Hacks
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):
– एडम ब्रोडी, Nobody Wants This
– टेड डैन्सन, A Man on the Inside
– स्टीव मार्टिन, Only Murders in the Building
– जेसन सीगल, Shrinking
– मार्टिन शॉर्ट, Only Murders in the Building
– जेरेमी एलन व्हाइट, The Bear
सर्वश्रेष्ठ मूल गीत – मोशन पिक्चर:
– Beautiful That Way, The Last Showgirl, संगीत और गीत: माइलि साइरस, लिक्का ली, एंड्रयू वायट
– Compress/Repress, Challengers, संगीत और गीत: ट्रेंट रेज़नोर, एटिकस रॉस और लुका ग्वाडागिनो
– El Mal, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल, कैमेल और जैक्स ऑडियार
– Forbidden Road, Better Man, संगीत और गीत: रॉबी विलियम्स, फ्रेडी वेक्सलर और साचा स्कारबेक
– Kiss The Sky, The Wild Robot, संगीत और गीत: डेलैसी, जॉर्डन जॉनसन, स्टीफन जॉनसन, मारेन मोरिस, माइकल पोलैक और अली टेम्पोसी
– Mi Camino, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल और कैमेल
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:
– केट ब्लैंचेट, Disclaimer
– जोडी फोस्टर, True Detective: Night Country
– क्रिस्टिन मिलियोटी, The Penguin
– सोफिया वर्गारा, Griselda
– नाओमी वॉट्स, Feud: Capote vs. The Swans
– केट विंसलेट, The Regime
सर्वश्रेष्ठ मोशन पिक्चर – एनिमेटेड:
– Flow
– Inside Out 2
– Memoir of a Snail
– Moana 2
– Wallace & Gromit: Vengeance Most Fowl
– The Wild Robot
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सहायक भूमिका – मोशन पिक्चर:
– एरियाना ग्रांडे, Wicked
– सेलेना गोमेज़, Emilia Perez
– फेलिसिटी जोन्स, The Brutalist
– मार्गरेट क्वॉली, The Substance
– इसाबेला रॉसेलिनी, Conclave
– जोई सैलडाना, Emilia Perez
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – मोशन पिक्चर:
– जैक्स ऑडियार, Emilia Perez
– सीन बेकर, Anora
– एडवर्ड बर्गर, Conclave
– ब्रैडी कॉर्बेट, The Brutalist
– कोराली फार्जात, The Substance
– पायल कपाड़िया, All We Imagine as Light
वहीं बात करें गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स की तो 82वें वार्षिक गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स का सीधा प्रसारण सीबीएस पर बेवर्ली हिल्टन से और रविवार, 5 जनवरी, 2025 को शाम 5 बजे किया जाएगा. निक्की ग्लेसर 2025 के गोल्डन ग्लोब्स की मेज़बानी करेंगी और एमी विजेता निर्माता ग्लेन वीस और रिकी किर्शनर लगातार दूसरे साल शो रनर के रूप में काम करेंगे. पहले यह घोषणा की गई थी कि वियोला डेविस को सेसिल बी. डेमिले पुरस्कार और टेड डैनसन को कैरल बर्नेट पुरस्कार मिलेगा, जो टीवी उत्कृष्टता को मान्यता देता है.
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IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फाइनेंस और टैक्सेशन के एक्सपर्ट… RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा से मिलिए
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नई दिल्ली:
रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए गवर्नर अपॉइंट हुए हैं. मल्होत्रा 11 दिसंबर 2024 को RBI के 26वें गवर्नर के तौर पर कार्यभार संभालेंगे. मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 10 दिसंबर को खत्म हो रहा है. RBI गवर्नर के तौर पर मल्होत्रा का कार्यकाल 3 साल का होगा.
सरकार ने 2022 में रिजर्व बैंक (RBI) के डायरेक्टर के रूप में डिपाटर्मेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) के सचिव संजय मल्होत्रा को नॉमिनेट किया था. सोमवार को मोदी कैबिनेट ने संजय मल्होत्रा के अपॉइंटमेंट को मंजूरी दी. आइए जानते हैं कौन हैं संजय मल्होत्रा, जो देश के सेंट्रल बैंक की सारी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं:-
भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में किसी भी घटना के प्रभाव से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में: RBI
राजस्थान कैडर के IAS ऑफिसर
संजय मल्होत्रा राजस्थान कैडर के 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई राजस्थान में ही हुई है. IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस में उन्होंने इंजीनियरिंग की है. इसके बाद अमेरिका के
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई की है.
33 साल का एक्सपीरिएंस
संजय मल्होत्रा को पास 33 साल का एक्सपीरिएंस हैं. उन्होंने पावर, फाइनेंस, टैक्सेशन, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और माइन्स समेत तमाम क्षेत्रों में काम किया है. मल्होत्रा के पास राज्य और केंद्र सरकार दोनों में फाइनेंस और टैक्सेशन में काम करने का अनुभव भी है.
राजकोषीय घाटा अक्टूबर के अंत में पूरे साल के लक्ष्य का 46.5 प्रतिशत: सरकारी आंकड़े
वित्त मंत्रालय में सेक्रेटरी (रेवेन्यू) के रूप में काम करने से पहले उन्होंने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग में सचिव का पद संभाला था.
सुधारवादी अफसरों में होती है गिनती
फाइनेंस के मामलों में संजय मल्होत्रा की गिनती सुधारवादी और मजबूत काम करने वाले अफसरों में होती है. उन्हें राजस्थान के करीब सभी विभागों में काम करने का अनुभव है. वो PM मोदी के पसंदीदा अफसरों में भी शामिल हैं.
टैक्स पॉलिसी मेकिंग में अहम भूमिका
संजय मल्होत्रा ने डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स के लिए टैक्स पॉलीसी मेकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
RBI ने लगातार 11वीं बार Repo Rate में नहीं किया बदलाव, 6.50% पर बरकरार, लोन की EMI पर राहत नहीं
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150 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म को अक्षय कुमार ने अपनी गलती से बनाया फ्लॉप ? मेकर्स को लगा इतना चूना
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अक्षय कुमार की इस आदत की वजह से फ्लॉप हुई थी मूवी सम्राट पृथ्वीराज
नई दिल्ली:
साल 2022 में अक्षय कुमार की एक फिल्म आई थी पृथ्वीराज चौहान. जैसा कि नाम से ही जाहिर है ये फिल्म पृथ्वी राज चौहान की लाइफ पर बेस्ड थी. उनके साथ उनके शौर्य के साथ उनकी संयोगिता के प्रति चाहत को भी फिल्म में दिखाया गया था. लेकिन ये फिल्म अक्षय कुमार की दूसरी फिल्मों की तरह कोई कमाल नहीं दिखा सकी थी. इसकी क्या वजह थी. फिल्म क्रिटिक और ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने इस बारे में एनडीटीवी से खास बातचीत की और बताया पृथ्वीराज चौहान दर्शकों की कसौटी पर खरी क्यों नहीं उतरी.
क्यों फ्लॉप हुई अक्षय कुमार की मूवी?
एनडीटीवी ने कोमल नाहटा से जानना चाहा कि क्या बॉलीवुड के एक्टर्स साउथ के हीरोज जितनी मेहनत, रोल में उतरने के लिए नहीं करते हैं. इसके जवाब में कोमल नाहटा ने कहा कि ये कहना गलत होगा कि बॉलीवुड के एक्टर्स रोल में ढलने के लिए मेहनत नहीं करते हैं. शाहरुख खान, आमिर खान जैसे स्टार्स भरपूर मेहनत करते हैं. उन्होंने सम्राट पृथ्वीराज मूवी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी फिल्म बनाना हो तो मेहनत ज्यादा लगती है. जो अक्षय कुमार ने इस फिल्म के लिए नहीं की. इस फिल्म में पृथ्वीराज चौहान के हाव भाव पकड़ने के लिए थोड़ी ज्यादा मेहनत की जानी चाहिए थी. लेकिन रोल में उतरने की कोशिश ही नहीं की गई. जिसका नतीजा ये हुआ कि फिल्म को दर्शकों ने पसंद नहीं किया.
दो साल पहले रिलीज हुई थी फिल्म
अक्षय कुमार की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज साल 2022 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में मिस वर्ल्ड रही मानुषी छिल्लर संयोगिता के रोल में थीं. सोनू सूद, चंदर वरदाई के रोल में थे. आशुतोष राणा ने जय चंद्र का रोल अदा किया था. फिल्म से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स में इसका बजट करीब 200 करोड़ रु. बताया गया. लेकिन फिल्म सौ करोड़ का मार्क भी टच नहीं कर पाई. इस फिल्म को डिजास्टर मूवी माना गया.
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