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मशीनों से मोहब्बत का बढ़ा कल्चर, अब AI को बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड बना रहे युवा; इंसानों से दूरी कितना खतरनाक?

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नई दिल्ली:

आज के बदले हुए दौर में मोहब्बत के लिए किसी मैं और तुम की ज़रूरत नहीं रह गई है. इन दिनों युवा चैट बॉक्स में गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड तलाशते नजर आ रहे हैं. अपने देश में भी इसका चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है. कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां ऐसे कंपेनियन ऐप्स बना रही हैं, जिनमें आप अपना पार्टनर खोज सकते हैं. ये ऐप आपको बिल्कुल इमोशनल टच के साथ फ्रेंडशिप मुहैया कराते हैं. कैरेक्टर AI ऐसा ही एक ऐप है. इसे इस साल 1.9 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है. पार्टनर खोजने के इस बिजनेस में कैरेक्टर AI, टॉकी AI और रेप्लिका ने मिलाकर 9 करोड़ डॉलर की कमाई कर ली है.

दिलचस्प ये है कि ऐसे ऐप्स में सबसे ज़्यादा दिलचस्पी भारत में दिख रही है. इस साल इस तरफ के ऐप सबसे ज़्यादा करीब 21% भारत में ही डाउनलोड हुए हैं. यानी इन्हें भारत में 46 करोड़ बार डाउनलोड किया गया है. सवाल है कि क्या इमोशनल टॉक्स किसी ऐसी मशीन से की जा सकती है, जिसकी कोई धड़कन नहीं होती. क्या वाकई मशीन के साथ आप अपनी दिल की बाद, हर जज्बात और हम ख्वाहिश शेयर कर सकते हैं? क्या हमारे युवा अकेलेपन के इस कदर शिकार हो रहे हैं, जो मशीनों में मोहब्बत खोजने लगे हैं. AI पार्टनर समाज के लिए कितना बड़ा खतरा हैं?

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पहले जान लीजिए क्या है AI?
AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस. यह दो शब्दों ‘आर्टिफिशियल’ और ‘इंटेलिजेंस’ से बना है. इसका अर्थ है- ‘मानव निर्मित सोच शक्ति.’ इसलिए हम ये कह सकते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसी टेक्नोलॉजी है, जिसका इस्तेमाल करके हम ऐसे बुद्धिमान सिस्टम बना सकते हैं, जो मानव बुद्धिमत्ता को फॉलो कर सके. वहीं, मशीन लर्निंग डेटा से ज्ञान निकालने के बारे में है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जो मशीनों को स्पष्ट रूप से प्रोग्राम किए बिना पिछले डेटा या अनुभवों से सीखने में सक्षम बनाता है.

WHO की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर 4 में से एक वयस्क अकेलेपन का शिकार हैं. युवा और किशोर भी इससे अछूते नहीं हैं. कॉम्पिटिशन के दौर में काम का बढ़ता दबाव या प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में पिछड़ जाने को लेकर असुरक्षा की भावना जैसे कई कारण होते हैं, जो अकेलेपन को बढ़ा सकते हैं. अपना अकेलापन दूर करने के लिए ऐसे युवा मशीनों को अपनी दुनिया बना लेते हैं.

कंपेनियन ऐप्स कैसे करते हैं काम
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपेनियन ऐप्स ऐसे युवाओं को लिए एक पर्सनल असिस्टेंट के रूप में काम करते हैं, जो यूजर्स को उनके डेली लाइफ की मुश्किलों में भी मदद करते हैं.

1. नेचरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP): AI कंपेनियन ऐप्स नेचरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके यूजर्स की बातचीत को समझते हैं. उसके अनुसार रिस्पॉन्स करते हैं.
2. मशीन लर्निंग: AI कंपेनियन ऐप्स मशीन लर्निंग अल्गोरिदम का इस्तेमाल करके यूजर्स की आदतों और पसंदों को सीखते हैं. उसके अनुसार पर्सनल एडवाइस देते हैं.
3. डेटा एनालिटिक्स: AI कंपेनियन ऐप्स यूजर्स के डेटा का एनालिसिस करके उनकी जरूरतों और पसंदों को समझते हैं. उसके अनुसार सर्विस देते हैं.
4. वॉइस असिस्टेंट: AI कंपेनियन ऐप्स वॉइस असिस्टेंट की सुविधा देते हैं, जो यूजर्स को वॉइस कमांड के जरिए अपने काम को कंट्रोल करने की परमिशन देता है.

मोनिका भाभी… DU की छात्रा ने AI से बना दिया मोना लिसा का इंडियन वर्जन, पूछा इसका नया नाम, यूजर्स ने दिए मज़ेदार जवाब

कितने टाइप के कंपैनियन ऐप्स?
Laura :  लौरा AI ऐप्स पर आप वैसे बात कर सकते हैं, जैसे किसी लड़की या गर्लफ्रेंड से करते हैं. ये आपके सवालों का जवाब दे सकती है. लौरा रूसी, स्पेनिश और फ्रेंच समेत कई भाषाओं में बात कर सकती है. आप गूगल पर Laura AI कीवर्ड के साथ इसे सर्च कर सकते हैं.

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My Virtual Manga Girl : इस ऐप में आप अपनी गर्लफ्रेंड के बाल, आंखें, कपड़े और बैकग्राउंड को बदल सकते हैं. इसमें मौजूद वर्चुअल वुमन डांस और सिंगिंग भी कर लेती है. 3डी एनिमेशन से इसे घुमाया भी जा सकता है.

Smart Virtual Girlfriend : यह वर्चुअल गर्लफ्रेंड काफी चालाक है. इससे बात करके लगता है कि आप किसी समझदार लड़की से बात कर रहे हैं.

My Virtual Girlfriend Julie : जूली एक वास्तविक लड़की की तरह गुस्से, प्यार समेत कई भावनाओं को जाहिर कर सकती है. इससे लगता है कि कोई असल लड़की से बातचीत हो रही है.

Replika: यह एक AI चैटबॉट है. कई लोगों ने रेप्लिका के साथ प्यार में पड़ने का दावा किया है. आप रेप्लिका से दोस्त, भाई या पार्टनर अपनी पसंद का रिश्ता बना सकते हैं. रेप्लिका को दुनियाभर में लाखों लोगों ने डाउनलोड किया है.  

My Virtual Boyfriend Free : यह एक मजेदार और फ्लर्टी वर्चुअल बॉयफ्रेंड ऐप है. इस ऐप में लड़कियां अपनी पसंद का बॉयफ्रेंड बना सकती हैं. आप ऐप में अपने वर्चुअल बॉयफ्रेंड से बात कर सकते हैं. उसे गुस्से में चार बातें भी सुना सकते हैं. उसे सरप्राइज भी कर सकते हैं.

Anima : यह एक AI बॉयफ्रेंड है. इससे बात करने पर लगता है कि इसमें इमोशन हैं.

My Virtual Boyfriend Talk : यह ऐप 2023 के सबसे अच्छे वर्चुअल बॉयफ्रेंड ऐप में से एक रही है. इससे आप अपने वर्चुअल बॉयफ्रेंड की तरह बात कर सकते हैं.

Smart Virtual Boyfriend : यह ऐप आपको इंटेलीजेंट वर्चुअल लड़के के साथ चैट करने की परमिशन देती है. यह वर्चुअल बॉयफ्रेंड ऐप है.

Talky.AI: यह एक ट्रेंडिंग AI प्लेटफ़ॉर्म है, जहां यूजर्स वर्चुअल कैरेक्टर से बात कर सकते हैं. आप इसमें अपना कस्टाइमस बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड भी बना सकते हैं.

कैरेक्टर AI: यह एक चैटबॉट सर्विस है, जिसके ज़रिए आप वास्तविक या काल्पनिक पात्रों से बातचीत कर सकते हैं. 
यह एक AI चैटबॉट वेब ऐप है. इसमें आपको मानव जैसी बातचीत करने का अनुभव मिलता है. इस ऐप में आप अपने कैरेक्टर को कोई नाम दे सकते हैं. कोई चेहरा दे सकते हैं. कैरेक्टर AI को पूर्व-Google AI डेवलपर नोम शेज़ीर और डैनियल डी फ़्रीटास ने डेवलप किया था. इसे सितंबर 2022 में लॉन्च किया गया था. 

AI कंपेनियन ऐप्स के फायदे

1. व्यक्तिगत सिफारिशें
2. कामों का ऑटोमेशन
3. समय की बचत
4. सुविधा और आराम

Explainer : AI कितना खतरनाक? क्या इंसान की बनाई मशीन उसी पर हो सकती हावी

AI कंपेनियन ऐप्स के नुकसान
AI गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के समाज पर कई प्रकार के प्रभाव हो सकते हैं, जिनमें से कुछ खतरनाक भी हो सकते हैं. यहां कुछ संभावित खतरे हैं:

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1. सामाजिक अलगाव: AI गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के साथ बातचीत करने से लोग वास्तविक सामाजिक संपर्कों से दूर हो सकते हैं, जिससे सामाजिक अलगाव और अकेलापन बढ़ सकता है.
2. मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव: AI गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के साथ बातचीत करने से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. जैसे-अवसाद, चिंता और आत्म-सम्मान की कमी.
3. वास्तविक संबंधों पर प्रभाव: AI गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के साथ बातचीत करने से लोगों को वास्तविक संबंधों में समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि संचार की कमी, विश्वास की कमी और भावनात्मक दूरी.
4. नैतिक समस्याएं: AI गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के साथ बातचीत करने से नैतिक समस्याएं हो सकती हैं.
5. सुरक्षा और गोपनीयता समस्याएं: AI गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के साथ बातचीत करने से सुरक्षा और गोपनीयता समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि डेटा की चोरी या AI के साथ बातचीत की रिकॉर्डिंग.

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
सोशियोलॉजिस्ट डॉ. रानी टोकस कहती हैं, “AI के जरिए हमें क्यों पार्टनर की जरूरत पड़ रही है… ये सीधे तौर पर एक सामाजिक बदलाव की तरफ इशारा करती है. ये बदलाव बहुत पहले से हो रहा है. आए दिन हम मीडिया और दूसरे प्लेटफॉर्म पर युवा से जुड़े ऐसे कई मामले सुनते हैं, जिसे लेकर चिंता बढ़ जाती है. चाहे हो यूथ में गेमिंग को लेकर एडिक्शन हो, या पार्टनर से जुड़ाव को लेकर. सवाल उठता है कि आखिर युवाओं को ऐसी कौन सी कमी महसूस हो रही है, जो वो AI में अपना पार्टनर  तलाश रहे हैं. जवाब है- अकेलापन और दूसरों पर भरोसे की कमी.”

डॉ. रानी टोकस कहती हैं, “आज के युवा भीड़ में होकर भी खुद को अकेला महसूस करते हैं. बड़े-बड़े शहरों में उनके पास सबक कुछ है. सोशल मीडिया पेज पर ढेर  सारे फॉलोअर और फ्रेंड्स हैं. लेकिन अपना कोई नहीं है. हाल के समय में सोशल इंस्टिट्यूट्स जैसे शादी, रिश्तेदारी सब सिमित हो गए हैं. युवाओं का शादी पर से भरोसा उठने लगा है. वो अकेला रहना पसंद करते हैं या लिव इन में रहना. शादी और परिवार की जिम्मेदारियां वो उठाने से कतराते हैं. सोशल इंस्टीट्यूशन में बिखराव की वजह से युवाओं में अकेलापन बढ़ रहा है.”

रानी टोकस बताती हैं, “अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए आईटी लवर युवा टेक्नोलॉजी और AI का सहारा लेते हैं. वो अपने अकेलेपन की दवाई AI ऐप में तलाशते हैं. अगर कोई इमोशनल गैप या ब्रेकडाउन किसी फैमिली में है, तो जाहिर तौर पर वो रिलेशनशिप में दिखेगा ही. इन जटिलताओं से बचने के लिए ऐसे युवा किसी से इमोशनल रिश्ता नहीं बनाते, बल्कि मशीनों पर भरोसा करने लगते हैं. जाहिर तौर पर ये समाज के लिए हमारे सामाजिक स्ट्रक्चर के लिए खतरे की घंटी ही है.”

94% भारतीय फर्म कम से कम एक काम में करती हैं Gen AI का इस्तेमाल : रिपोर्ट

AI के इस्तेमाल में बरतें सावधानियां
-AI कोई इंसान नहीं है. ये एक मशीन है. इसलिए इसके आउटपुट या रिजल्ट पर भरोसा करने से पहले उन्हें खुद भी जांच लें. आप मान लीजिए कि AI गलती कर सकता है.
– AI टूल्स को अपनी निजी जानकारियां जैसे पासवर्ड, बैंक डिटेल्स, प्राइवेट फोटो देने से बचें. सेंसेटिव डेटा लीक होने पर आपको नुकसान पहुंचने की गुंजाइश है.
-AI का इस्तेमाल किसी को नुकसान पहुंचाने या किसी को फ्रॉड करने के लिए न करें.


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पायल कपाड़िया ने रचा इतिहास, गोल्डन ग्लोब्स में हासिल किया नामांकन

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नई दिल्ली:

भारत की मशहूर निर्देशन पायल कपाड़िया ने इतिहास रच डाला है. उनकी फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट को गोल्डन ग्लोब्स के सर्वश्रेष्ठ निर्देशक में नामांकन मिला है. पायल कपाड़िया के लिए गोल्डन ग्लोब्स में नामांकन हासिल करना दूसरी बड़ी कामयाबी है. इससे पहले उन्होंने फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट में इस साल के कान फिल्म महोत्सव बेस्ट डायरेक्टर और फिल्म की एक्ट्रेस अनसूया सेनगुप्ता को बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब हासिल किया था. पायल कपाड़िया को ऑल वी इमेजिन एज लाइट के लिए 77वें कान फिल्म फेस्टिवल में ग्रां प्री जीता था. 

मलयालम-हिंदी फीचर फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट की कहानी मुंबई की तीन महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सड़क मार्ग से तटीय शहर की एक यात्रा पर जाती हैं. फिल्म में कानी कुश्रुति, दिव्या प्रभा और छाया कदम ने मुख्य भूमिका निभाई है.

2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के नामांकनों की घोषणा

2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के लिए नामांकनों की सूची जारी कर दी गई है. इस साल कई शानदार फिल्में और टेलीविजन सीरीज़ इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए दौड़ में हैं. 

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (ड्रामा):  
– डोनाल्ड ग्लोवर, Mr. and Mrs. Smith  
– जैक गिलेनहाल, Presumed Innocent  
– गैरी ओल्डमैन, Slow Horses  
– एडी रेडमायने, The Day of the Jackal  
– हिरोयुकी सनाडा, Shogun  
– बिली बॉब थॉर्नटन, Landman

सर्वश्रेष्ठ मूल संगीत – मोशन पिक्चर:  
– वोल्कर बर्टलमैन, Conclave  
– डैनियल ब्लमबर्ग, The Brutalist  
– क्रिस बॉवर्स, The Wild Robot  
– क्लेमेंट ड्युकोल, Camille, Emilia Perez  
– ट्रेंट रेज़नोर और एटिकस रॉस, Challengers  
– हंस ज़िमर, Dune: Part Two

सर्वश्रेष्ठ सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:  
– Baby Reindeer  
– Disclaimer  
– Monsters: The Lyle and Erik Menendez Story  
– The Penguin  
– Ripley  
– True Detective: Night Country

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):  
– क्रिस्टन बेल, Nobody Wants This  
– क्विंटा ब्रुन्सन, Abbott Elementary  
– आयो एडेबिरी, The Bear  
– सेलेना गोमेज़, Only Murders in the Building  
– कैथरीन हान, Agatha All Along  
– जीन स्मार्ट, Hacks

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):  
– एडम ब्रोडी, Nobody Wants This  
– टेड डैन्सन, A Man on the Inside  
– स्टीव मार्टिन, Only Murders in the Building  
– जेसन सीगल, Shrinking  
– मार्टिन शॉर्ट, Only Murders in the Building  
– जेरेमी एलन व्हाइट, The Bear

सर्वश्रेष्ठ मूल गीत – मोशन पिक्चर:  
– Beautiful That Way, The Last Showgirl, संगीत और गीत: माइलि साइरस, लिक्का ली, एंड्रयू वायट  
– Compress/Repress, Challengers, संगीत और गीत: ट्रेंट रेज़नोर, एटिकस रॉस और लुका ग्वाडागिनो  
– El Mal, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल, कैमेल और जैक्स ऑडियार  
– Forbidden Road, Better Man, संगीत और गीत: रॉबी विलियम्स, फ्रेडी वेक्सलर और साचा स्कारबेक  
– Kiss The Sky, The Wild Robot, संगीत और गीत: डेलैसी, जॉर्डन जॉनसन, स्टीफन जॉनसन, मारेन मोरिस, माइकल पोलैक और अली टेम्पोसी  
– Mi Camino, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल और कैमेल

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:  
– केट ब्लैंचेट, Disclaimer  
– जोडी फोस्टर, True Detective: Night Country  
– क्रिस्टिन मिलियोटी, The Penguin  
– सोफिया वर्गारा, Griselda  
– नाओमी वॉट्स, Feud: Capote vs. The Swans  
– केट विंसलेट, The Regime

सर्वश्रेष्ठ मोशन पिक्चर – एनिमेटेड:  
– Flow  
– Inside Out 2  
– Memoir of a Snail  
– Moana 2  
– Wallace & Gromit: Vengeance Most Fowl  
– The Wild Robot

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सहायक भूमिका – मोशन पिक्चर:  
– एरियाना ग्रांडे, Wicked  
– सेलेना गोमेज़, Emilia Perez  
– फेलिसिटी जोन्स, The Brutalist  
– मार्गरेट क्वॉली, The Substance  
– इसाबेला रॉसेलिनी, Conclave  
– जोई सैलडाना, Emilia Perez

सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – मोशन पिक्चर:  
– जैक्स ऑडियार, Emilia Perez  
– सीन बेकर, Anora  
– एडवर्ड बर्गर, Conclave  
– ब्रैडी कॉर्बेट, The Brutalist  
– कोराली फार्जात, The Substance  
– पायल कपाड़िया, All We Imagine as Light

वहीं बात करें गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स की तो 82वें वार्षिक गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स का सीधा प्रसारण सीबीएस पर बेवर्ली हिल्टन से और रविवार, 5 जनवरी, 2025 को शाम 5 बजे किया जाएगा. निक्की ग्लेसर 2025 के गोल्डन ग्लोब्स की मेज़बानी करेंगी और एमी विजेता निर्माता ग्लेन वीस और रिकी किर्शनर लगातार दूसरे साल शो रनर के रूप में काम करेंगे. पहले यह घोषणा की गई थी कि वियोला डेविस को सेसिल बी. डेमिले पुरस्कार और टेड डैनसन को कैरल बर्नेट पुरस्कार मिलेगा, जो टीवी उत्कृष्टता को मान्यता देता है.




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IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फाइनेंस और टैक्सेशन के एक्सपर्ट… RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा से मिलिए

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sf14m1mo_sanjaymalhotrajpeg_625x300_09_December_24 IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फाइनेंस और टैक्सेशन के एक्सपर्ट... RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा से मिलिए


नई दिल्ली:

रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए गवर्नर अपॉइंट हुए हैं. मल्होत्रा 11 दिसंबर 2024 को RBI के 26वें गवर्नर के तौर पर कार्यभार संभालेंगे. मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 10 दिसंबर को खत्म हो रहा है. RBI गवर्नर के तौर पर मल्होत्रा का कार्यकाल 3 साल का होगा.

सरकार ने 2022 में रिजर्व बैंक (RBI) के डायरेक्टर के रूप में डिपाटर्मेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) के सचिव संजय मल्होत्रा को नॉमिनेट किया था. सोमवार को मोदी कैबिनेट ने संजय मल्होत्रा के अपॉइंटमेंट को मंजूरी दी. आइए जानते हैं कौन हैं संजय मल्होत्रा, जो देश के सेंट्रल बैंक की सारी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं:-

भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में किसी भी घटना के प्रभाव से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में: RBI

राजस्थान कैडर के IAS ऑफिसर 
संजय मल्होत्रा राजस्थान कैडर के 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई राजस्थान में ही हुई है. IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस में उन्होंने इंजीनियरिंग की है. इसके बाद अमेरिका के
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई की है.

33 साल का एक्सपीरिएंस
संजय मल्होत्रा ​​को पास 33 साल का एक्सपीरिएंस हैं. उन्होंने पावर, फाइनेंस, टैक्सेशन, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और माइन्स समेत तमाम क्षेत्रों में काम किया है. मल्होत्रा ​​के पास राज्य और केंद्र सरकार दोनों में फाइनेंस और टैक्सेशन में काम करने का अनुभव भी है.

राजकोषीय घाटा अक्टूबर के अंत में पूरे साल के लक्ष्य का 46.5 प्रतिशत: सरकारी आंकड़े

वित्त मंत्रालय में सेक्रेटरी (रेवेन्यू) के रूप में काम करने से पहले उन्होंने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग में सचिव का पद संभाला था. 

सुधारवादी अफसरों में होती है गिनती
फाइनेंस के मामलों में संजय मल्होत्रा की गिनती सुधारवादी और मजबूत काम करने वाले अफसरों में होती है. उन्हें राजस्थान के करीब सभी विभागों में काम करने का अनुभव है. वो PM मोदी के पसंदीदा अफसरों में भी शामिल हैं.

टैक्स पॉलिसी मेकिंग में अहम भूमिका
संजय मल्होत्रा ​​ने डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स के लिए टैक्स पॉलीसी मेकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 

RBI ने लगातार 11वीं बार Repo Rate में नहीं किया बदलाव, 6.50% पर बरकरार, लोन की EMI पर राहत नहीं



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150 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म को अक्षय कुमार ने अपनी गलती से बनाया फ्लॉप ? मेकर्स को लगा इतना चूना

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अक्षय कुमार की इस आदत की वजह से फ्लॉप हुई थी मूवी सम्राट पृथ्वीराज


नई दिल्ली:

साल 2022 में अक्षय कुमार की एक फिल्म आई थी पृथ्वीराज चौहान. जैसा कि नाम से ही जाहिर है ये फिल्म पृथ्वी राज चौहान की लाइफ पर बेस्ड थी. उनके साथ उनके शौर्य के साथ उनकी संयोगिता के प्रति चाहत को भी फिल्म में दिखाया गया था. लेकिन ये फिल्म अक्षय कुमार की दूसरी फिल्मों की तरह कोई कमाल नहीं दिखा सकी थी. इसकी क्या वजह थी. फिल्म क्रिटिक और ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने इस बारे में एनडीटीवी से खास बातचीत की और बताया पृथ्वीराज चौहान दर्शकों की कसौटी पर खरी क्यों नहीं उतरी.  

 क्यों फ्लॉप हुई अक्षय कुमार की मूवी?

एनडीटीवी ने कोमल नाहटा से जानना चाहा कि क्या बॉलीवुड के एक्टर्स साउथ के हीरोज जितनी मेहनत, रोल में उतरने के लिए नहीं करते हैं. इसके जवाब में कोमल नाहटा ने कहा कि ये कहना गलत होगा कि बॉलीवुड के एक्टर्स रोल में ढलने के लिए मेहनत नहीं करते हैं. शाहरुख खान, आमिर खान जैसे स्टार्स भरपूर मेहनत करते हैं. उन्होंने सम्राट पृथ्वीराज मूवी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी फिल्म बनाना हो तो मेहनत ज्यादा लगती है. जो अक्षय कुमार ने इस फिल्म के लिए नहीं की. इस फिल्म में पृथ्वीराज चौहान के हाव भाव पकड़ने के लिए थोड़ी ज्यादा मेहनत की जानी चाहिए थी. लेकिन रोल में उतरने की कोशिश ही नहीं की गई. जिसका नतीजा ये हुआ कि फिल्म को दर्शकों ने पसंद नहीं किया.

दो साल पहले रिलीज हुई थी फिल्म

अक्षय कुमार की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज साल 2022 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में मिस वर्ल्ड रही मानुषी छिल्लर संयोगिता के रोल में थीं. सोनू सूद, चंदर वरदाई के रोल में थे. आशुतोष राणा ने जय चंद्र का रोल अदा किया था. फिल्म से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स में इसका बजट करीब 200 करोड़ रु. बताया गया. लेकिन फिल्म सौ करोड़ का मार्क भी टच नहीं कर पाई. इस फिल्म को डिजास्टर मूवी माना गया.



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