Blog

बोलने की आजादी का पाखंड उजागर… जयशंकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कनाडा ने बैन किया चैनल, MEA ने उठाए सवाल

Published

on

[ad_1]


नई दिल्ली:

कनाडा और भारत के बीच तनाव हर दिन बढ़ता जा रहा है. मंदिरों पर अटैक और हिंदुओं को निशाना बनाए जाने के बाद कनाडा सरकार की एक और करतूत पर भारत ने सवाल उठाए हैं. दरअसल, कनाडा ने एक ऑस्ट्रेलियाई मीडिया संस्थान ‘ऑस्ट्रेलिया टुडे’ के सोशल मीडिया अकाउंट को ब्लॉक कर दिया है. कनाडा में लोग इन्हें नहीं देख पा रहे हैं. यह कार्रवाई भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और ऑस्ट्रेलिया में उनकी समकक्ष पेनी वोंग की ज्वॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ घंटों बाद हुई. जयशंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कनाडा पर बिना सबूत के भारत पर आरोप लगाने का मुद्दा उठाया था. इस पूरे मामले पर अब विदेश मंत्रालय का बयान आया है.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि एस जयशंकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद ही कनाडा ने ऑस्ट्रेलियाई चैनल के सोशल मीडिया पेज और हैंडल को ब्लॉक कर दिया. इस तरह की हरकतें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति कनाडा के पाखंड को उजागर करती हैं. 

ISI की शह पर पंजाब को करते हैं टारगेट, जानिए कौन हैं कनाडा में बैठे टॉप 20 खालिस्तानी आतंकी

कनाडा में जस्टिन ट्रूडो सरकार की ओर से ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख आउटलेट ‘ऑस्ट्रेलिया टुडे’ के सोशल मीडिया पेज को ब्लॉक/बैन करने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सवाल उठाए. जायसवाल ने कहा, “हमें पता चला है कि कनाडा में एक महत्वपूर्ण प्रवासी आउटलेट के सोशल मीडिया हैंडल, पेज को ब्लॉक/बैन कर दिया गया है. यह काम पेनी वोंग के साथ विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस को प्रसारित करने के ठीक कुछ घंटों बाद हुआ. इस कार्रवाई को लेकर हमें हैरानी हुई. ये एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति कनाडा के पाखंड को उजागर करता है.”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 3 चीजों के बारे में बात की. पहला- कनाडा की ओर से बिना किसी विशेष सबूत के भारत पर आरोप लगाए गए. दूसरा- कनाडा में भारतीय राजनयिकों की अस्वीकार्य निगरानी की गई. तीसरा- कनाडा में भारत विरोधी तत्वों को राजनीतिक स्थान दिया जाना”.

पहले राजनयिक और अब मंदिर… कैसे 45 शब्दों में PM मोदी ने ट्रूडो को अच्छे से समझा दिया

कांसुलर अधिकारियों को लेकर हुआ था विवाद
पिछले हफ्ते, भारत ने कहा था कि उसके कुछ कांसुलर अधिकारियों को कनाडाई सरकार ने सूचित किया था कि वे ऑडियो और वीडियो निगरानी में हैं. इस कार्रवाई पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी. भारत ने कहा था कि कनाडा अपने उत्पीड़न और धमकी को उचित ठहराने के लिए ऐसी हरकतों के पीछे नहीं छिप सकता है.”

पेनी वोंग ने भी आरोपों पर दिया जवाब
इस बीच ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भी कनाडा के उन आरोपों का मुद्दा उठाया, जिनमें भारतीय राजनयिकों पर सिख नेताओं के खिलाफ हिंसक हमलों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था. वोंग ने जयशंकर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमने जांच के दायरे में आरोपों पर अपनी चिंता स्पष्ट कर दी है. हमने कहा है कि हम कनाडा की न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं.

कनाडा मंदिर अटैकः खालिस्तानी भीड़ में शामिल था पुलिसवाला! इस वीडियो का क्या जवाब देंगे ट्रूडो



[ad_2]

Source link

Share this content:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

Exit mobile version