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दिल्ली, पटना से लेकर श्रीनगर तक… देखिए कहां कैसे जले दशानन; राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी दशहरे के उत्सव में हुए शामिल
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नई दिल्ली :
देश भर में विजयादशमी (Vijayadashami) की धूम है. बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार देश भर में मनाया जा रहा है. इस मौके पर देश के अलग-अलग इलाकों में रावण दहन किया जा रहा है. दशहरे (Dussehra 2024) के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) लाल किले के परेड ग्राउंड पर आयोजित रामलीला में पहुंचे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम को तिलक लगाकर उनकी वंदना की.

श्री धार्मिक लीला समिति के आयोजकों ने दशहरा कार्यक्रम में राष्ट्रपति को त्रिशूल और प्रधानमंत्री को गदा भेंट कर उनका औपचारिक स्वागत किया.

इस दौरान प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों ने सांकेतिक रूप से रावण दहन किया. दोनों ने ही धनुष बाण हाथ में लेकर और सांकेतिक रूप से बाण चलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाया.

उनके बाण चलाने के बाद सबसे पहले मेघनाथ का पुतला जलने लगा. उसके बाद कुंभकर्ण के पुतले का दहन हुआ और फिर अंत में रावण के पुतले का दहन किया गया. रावण दहन के कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में लाल किले के माधवदास पार्क में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया#PMModi | #DroupadiMurmu | #Vijayadashami | #Dussehra pic.twitter.com/x5Az4sbXhj
— NDTV India (@ndtvindia) October 12, 2024
पटना और श्रीनगर में भी रावण दहन
बिहार के पटना में भी रावण दहन किया गया. यहां के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रावण दहन के अवसर पर मौजूद रहे. इस मौके पर भारी भीड़ उमड़ी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित अतिथियों ने सांकेतिक रूप से तीर चलाकर रावण दहन किया.
#WATCH | Bihar CM Nitish Kumar and Dy CM Samrat Choudhary attend #DussehraCelebration at Gandhi Maidan in Patna pic.twitter.com/nqk833V4Wt
— ANI (@ANI) October 12, 2024
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के एसके स्टेडियम में भी रावण दहन किया गया. रावण दहन के मौके पर काफी लोग मौजूद रहे.

इस मौके पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद रहे. यहां पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले फूंके गए.
#WATCH | Jammu and Kashmir: ‘Ravan Dahan’ being performed at Srinagar’s SK Stadium, as part of #DussehraCelebration pic.twitter.com/Pap6rtY2Z0
— ANI (@ANI) October 12, 2024
रांची में भी रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले फूंके
झारखंड की राजधानी रांची में भी विजयादशमी धूमधाम से मनाई गई. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में रावण दहन किया गया. रावण के साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को भी जलाया गया.
#WATCH | Jharkhand: ‘Ravan Dahan’ being performed in Ranchi as part of #DussehraCelebrations, in the presence of Jharkhand CM Hemant Soren pic.twitter.com/YH02qKkjtB
— ANI (@ANI) October 12, 2024
चंडीगढ़ और देहरादून में रावण दहन
देश के अलग-अलग इलाकों में रावण दहन किया गया. चंडीगढ़ में भी रावण के साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले फूंके गए.
#WATCH | Uttarakhand: Ravan Dahan being performed in Dehradun, as part of #DussehraCelebration pic.twitter.com/FvJWZJ4Efj
— ANI (@ANI) October 12, 2024
वहीं उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी रावण दहन किया गया. यहां पर बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने के लिए पहुंचे.
#WATCH | Uttarakhand: Ravan Dahan being performed in Dehradun, as part of #DussehraCelebration pic.twitter.com/FvJWZJ4Efj
— ANI (@ANI) October 12, 2024
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी विजयादशमी की शुभकामनाएं
इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर पोस्ट अपने संदेश में कहा, “विजय दशमी के शुभ अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देती हूं. यह अन्याय पर न्याय की विजय का पर्व है. यह त्योहार सत्य और सदाचार के मूल्यों पर हमारे विश्वास का प्रतीक है. इस शुभ अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी हम न्याय का पक्ष लेंगे. मेरी मंगल कामना है कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करे तथा हमारा देश सदा विकास के पथ पर अग्रसर रहे.”
विजय दशमी के शुभ अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देती हूं। यह अन्याय पर न्याय की विजय का पर्व है। यह त्यौहार सत्य और सदाचार के मूल्यों पर हमारे विश्वास का प्रतीक है। इस शुभ अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी हम न्याय का…
— President of India (@rashtrapatibhvn) October 12, 2024
वहीं पीएम मोदी ने एक्स पर अपने संदेश में कहा, “देशवासियों को विजयादशमी की असीम शुभकामनाएं. मां दुर्गा और प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से आप सभी को जीवन के हर क्षेत्र में विजय हासिल हो, यही कामना है.”
देशवासियों को विजयादशमी की असीम शुभकामनाएं। मां दुर्गा और प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से आप सभी को जीवन के हर क्षेत्र में विजय हासिल हो, यही कामना है।
— Narendra Modi (@narendramodi) October 12, 2024
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न्यायाधीशों को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
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नई दिल्ली:
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि न्यायाधीशों को एक संन्यासी की तरह जीवन जीना चाहिए और घोड़े की तरह काम करना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए और निर्णयों के बारे में कोई राय व्यक्त नहीं करनी चाहिए. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने यह मौखिक टिप्पणी की. सुप्रीम कोर्ट की यह पीठ मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा दो महिला न्यायिक अधिकारियों की बर्खास्तगी से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी.
कोर्ट ने टिप्पणी की कि न्यायपालिका में दिखावटीपन के लिए कोई जगह नहीं है. पीठ ने कहा, ‘‘न्यायिक अधिकारियों को फेसबुक का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. उन्हें निर्णयों पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि कल यदि निर्णय का हवाला दिया जाएगा, तो न्यायाधीश पहले ही किसी न किसी रूप में अपनी बात कह चुके होंगे.”
पीठ ने कहा, ‘‘यह एक खुला मंच है…आपको एक संत की तरह जीवन जीना होगा, पूरी मेहनत से काम करना होगा. न्यायिक अधिकारियों को बहुत सारे त्याग करने पड़ते हैं. उन्हें फेसबुक का बिल्कुल प्रयोग नहीं करना चाहिए.”
बर्खास्त महिला न्यायाधीशों में से एक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर बसंत ने पीठ के विचारों को दोहराते हुए कहा कि किसी भी न्यायिक अधिकारी या न्यायाधीश को न्यायिक कार्य से संबंधित कोई भी पोस्ट फेसबुक पर नहीं डालनी चाहिए.
यह टिप्पणी वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव अग्रवाल, जो न्यायमित्र हैं, द्वारा बर्खास्त महिला न्यायाधीश के खिलाफ विभिन्न शिकायतों के बारे में पीठ के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के बाद आई. अग्रवाल ने पीठ को बताया कि महिला न्यायाधीश ने फेसबुक पर भी एक पोस्ट डाली थी.
ग्यारह नवंबर, 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने कथित असंतोषजनक प्रदर्शन के कारण राज्य सरकार द्वारा छह महिला सिविल न्यायाधीशों की बर्खास्तगी का स्वत: संज्ञान लिया था. हालांकि, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की पूर्ण अदालत ने एक अगस्त को अपने पहले के प्रस्तावों पर पुनर्विचार किया और चार अधिकारियों ज्योति वरकड़े, सुश्री सोनाक्षी जोशी, सुश्री प्रिया शर्मा और रचना अतुलकर जोशी को कुछ शर्तों के साथ बहाल करने का फैसला किया, जबकि अन्य दो अदिति कुमार शर्मा और सरिता चौधरी को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया.
शीर्ष अदालत उन न्यायाधीशों के मामलों पर विचार कर रही थी, जो क्रमशः 2018 और 2017 में मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा में शामिल हुए थे.
(इनपुट एजेंसियों से भी)
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अनुकूल नीतियों, कारोबारी सुगमता से बिहार अब निवेश का आकर्षक स्थल
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पटना:
विकास के लिहाज से पिछड़े राज्यों में आने वाले बिहार की तस्वीर अब बदल रही है. राज्य अब अनूकूल नीतियों तथा कारोबारी सुगमता की वजह से निवेश का आकर्षक स्थल बन रहा है. अदाणी समूह से लेकर कोका-कोला तक ने यहां अरबों डॉलर के निवेश की घोषणाएं की हैं. निवेश के लिए और भी कंपनियां यहां आने वाली हैं.
राज्य के उद्योग और पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा बिहार को एक ऐसे राज्य में बदल रहे हैं, जो पूर्वी भारत में निवेशकों के लिए प्रवेश द्वार बन सकता है. उनका कहना है, बिहार की औद्योगिक क्षमता असीमित है. बिहार धारणा का शिकार रहा है. लेकिन अब यह बदल रहा है.
मिश्रा ने कहा कि राज्य निवेशकों को ब्याज छूट से लेकर राज्य जीएसटी की वापसी, स्टाम्प शुल्क छूट, निर्यात सब्सिडी और परिवहन, बिजली तथा भूमि शुल्क के लिए रियायतें प्रदान कर रहा है.
साथ ही न केवल अनुमोदन के समय बल्कि प्रोत्साहनों के वितरण में भी एकल खिड़की व्यवस्था के तहत मंजूरी दी जा रही है. उन्होंने कहा, ‘‘किसी को सचिवालय आने की जरूरत नहीं है. किसी को सरकारी कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। हम जो भी वादा कर रहे हैं, उसे पूरा कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा कि बिहार राज्य भर के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित पूरी तरह से तैयार लगभग 24 लाख वर्ग फुट औद्योगिक ‘शेड’ की पेशकश कर रहा है. उसमें सभी प्रकार का बुनियादी ढांचा उपलब्ध है. यह जगह किसी भी उद्योग के लिए निर्धारित दर पर उपलब्ध है. राज्य ने उद्योग स्थापित करने के लिए 3,000 एकड़ का भूमि बैंक भी बनाया है.
उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था की समस्या का समाधान किया गया है. साथ ही कोलकाता और हल्दिया में बंदरगाहों के साथ-साथ झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों में कच्चे माल के स्रोतों और खनिज भंडार तक पहुंचने के लिए बुनियादी ढांचे के साथ लगभग चौबीसों घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है.
बिहार सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण, आईटी और आईटी-संबद्ध सेवाओं (आईटीईएस), कपड़ा और चमड़ा क्षेत्रों को उच्च प्राथमिकता के रूप में रखा है. उनमें से प्रत्येक में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग नीतियां हैं. इसके अलावा, सरकार एथनॉल और बायोगैस जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर भी बड़ा काम कर रही है.
मिश्रा ने कहा कि बिहार में बदलाव का श्रेय केंद्र और राज्य के मिलकर काम करने को जाता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली प्रगतिशील विचारधारा वाली केंद्र सरकार के साथ, क्षेत्रीय असंतुलन अब बीते दिनों की बात है. अब हर राज्य के पास मौका है.
मिश्रा ने कहा कि बिहार ने पिछले दो दशक में इस अवसर का लाभ उठाया है. एक राज्य जो लगातार कम वृद्धि दर के लिए जाना जाता था, अब राष्ट्रीय औसत से बेहतर वृद्धि दर हासिल कर रहा है.
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी नीति अच्छी है और सौभाग्य से बिहार में हमारा नेतृत्व इतना अच्छा रहा है कि इन 19 साल में हमने बहुत अच्छा बुनियादी ढांचा बनाया है. सही मायने में बिहार निवेशकों के लिए तैयार है.”
बिहार की स्थिति विशिष्ट है. पूर्वी और उत्तरी भारत और नेपाल के विशाल बाजारों से निकटता के कारण बिहार को स्थान-विशेष का लाभ प्राप्त है. मूल रूप से कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था वाले राज्य के पास एक बड़ा कृषि और पशु उत्पादन आधार है. यह कृषि आधारित यानी खाद्य प्रसंस्करण, रेशम और चाय से लेकर चमड़े और गैर-धातु खनिजों तक कई उद्योगों के लिए कच्चे माल की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति करता है.
इसके अलावा, पानी की कोई समस्या नहीं है और पर्याप्त संख्या में सस्ता श्रम उपलब्ध है. मिश्रा ने कहा, ‘‘ये हमारी मुख्य ताकत है और आने वाले दिनों में, बिहार में भारत के पूरे पूर्वी हिस्से के लिए वृद्धि का प्रमुख इंजन बनने की क्षमता है. यह बिहार का समय है.”
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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काल बना स्पीड ब्रेकर, हवा में उछली स्कूटर, सड़क पर घिसट गया शख्स… देखिए हैरान करने वाला VIDEO
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नई दिल्ली:
देहरादून में घंटाघर के सामने बिना चिन्ह वाले स्पीड ब्रेकर से टकराने के बाद एक स्कूटर सवार हवा में उछला और इसके बाद वह सड़क पर गिरा. वह और उसकी स्कूटर कई मीटर तक सड़क पर सरकती हुई आगे गई. गनीमत रही कि स्कूटर सवार को कोई गंभीर चोट नहीं लगी. स्पीड ब्रेकर पर ड्राइवरों को सचेत करने के लिए उनकी मार्किंग नहीं की गई है जिसके कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
NDTV को मिले घटनास्थल के फुटेज में स्कूटर मध्यम गति से स्पीड ब्रेकर की ओर बढ़ती हुई दिख रही है. जैसे ही स्कूटर सवार स्पीड ब्रेकर से टकराता है, स्कूटर अप्रत्याशित रूप से हवा में उछल जाता है. वाहन चालक उछलकर नीचे गिर जाता है. वह कुछ देर रुकने के बाद उठता है और वहां से चला जाता है.
स्पीड ब्रेकर वाहनों की गति को नियंत्रित रखने के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन इनकी डिजाइन में दोषों के कारण यही स्पीड ब्रेकर कई दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं. देहरादून के इस स्पीड ब्रेकर की स्पष्ट मार्किंग नहीं की गई है. इसके अलावा यह अत्यधिक ऊंचा भी है. इससे चार पहियों वाले वाहनों के लिए इसे पार करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है.
उचित संकेतक और मार्किंग की कमी के कारण ड्राइवरों के लिए स्पीड ब्रेकर का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है. इससे यहां हादसे हो रहे हैं.
इस स्पीड ब्रेकर के कारण कथित तौर पर सात दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें तीन साल के एक बच्चे सहित दो लोग घायल हुए हैं.
स्पीड ब्रेकर के कारण हादसे का यह पहला मामला नहीं है. अक्टूबर में गुरुग्राम में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी. तब गोल्फ कोर्स रोड पर एक तेज रफ़्तार BMW कार नए बनाए गए स्पीड ब्रेकर पर से उछल गई थी.
कैमरे में कैद हुई इस घटना में कार जमीन से काफी ऊपर उछलती हुई दिखी थी. कार उस स्थान से करीब 15 फीट दूर जाकर गिरी थी. उसी वीडियो में दो ट्रक भी बिना किसी निशान वाले स्पीड ब्रेकर से टकराकर हवा में उछलते हुए देखे गए थे.
इस घटना को लेकर कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर हुई तीखी प्रतिक्रिया पर अधिकारियों ने कार्रवाई की थी. गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) ने ड्राइवरों को चेतावनी देने के लिए “आगे स्पीड ब्रेकर है” लिखा हुआ एक साइनबोर्ड लगवाया. उन्होंने स्पीड ब्रेकर की थर्मोप्लास्टिक व्हाइट पेंट से मार्किंग भी कराई थी. इस तरह पेंट करने से विशेष रूप से रात में स्पीड ब्रेकर साफ दिखाई देता है.
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