Blog
झारखंड चुनाव में हेमंत सोरेन की ‘कल्पना’ साकार, जानिए मुश्किल चुनौतियों से कैसे निकला जीत का रास्ता
[ad_1]
रांची:
झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Elections) में झारखंड मुक्ति मोर्चा (Jharkhand Mukti Morcha) ने शानदार प्रदर्शन किया है. 81 सदस्यीय विधानसभा में झामुमो के साथ ही इंडिया गठबंधन की पार्टियों ने कुल 56 सीटों पर जीत के साथ ही सत्ता में वापसी की है. इस जीत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन की मेहनत किसी से छिपी नहीं है. इस कहानी के नायक और नायिका का तो हर किसी को पता है, लेकिन 5 सहयोगी किरदार भी हैं, जिनके कारण झारखंड में इंडिया गठबंधन सरकार बनाने में कामयाब रहा है.
1. मईयां सम्मान योजना
झारखंड की सोरेन सरकार ने महिलाओं के लिए प्रतिमाह 2500 रुपये का वादा किया है और चुनाव से पहले प्रतिमाह 1000 रुपये जारी करने ने जनता का भरोसा जीता.
2. कल्पना का सहज अंदाज
हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन के सहज अंदाज और जनसंपर्क ने उन्हें सबसे लोकप्रिय प्रचारक बना दिया.

3. सोरेन की जेल यात्रा
इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जेल यात्रा और फिर उनके दावे कि वह आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, उससे जनता का जुड़ाव और मजबूत हुआ.
4. सीएनटी एक्ट
2016 में भाजपा ने सीएनटी एक्ट में बदलाव की कोशिश की थी. शायद इसी ने आदिवासियों को बीजेपी से नाराज कर दिया है.
5. घुसपैठ बनाम क्षेत्रीय मुद्दे
भाजपा ने झारखंड चुनाव में घुसपैठ को मुद्दा बनाया, जबकि इंडिया गठबंधन ने क्षेत्रीय समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया.

मुश्किल चुनौती से जीत तक का सफर
इन वजहों से झारखंड मुक्ति मोर्चा और उसके सहयोगियों को ऐतिहासिक जीत मिली, लेकिन चुनौती बेहद मुश्किल थी. इन चुनौतियों और इससे निपटकर जीत की दहलीज तक पहुंचने का सफर हम 10 अध्यायों में जान सकते हैं.
इस साल की शुरुआत में कहानी कुछ और थी. 31 जनवरी 2024 की रात को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. उनके परिवार और पार्टी पर संकट के बादल मंडरा रहे थे, लेकिन साथ में थीं उनकी पत्नी कल्पना सोरेन. एक ऐसा नाम जो अब तक सिर्फ उनके करीबियों के बीच जानी जाती थीं.
अध्याय-1 परछाइयों से उभरते हुए
करीब 300 दिनों बाद कल्पना सोरेन लौटीं तो न सिर्फ एक पत्नी के तौर पर बल्कि एक सशक्त नेता के रूप में. एक गृहिणी से लेकर स्टार प्रचारक बनने की उनकी यात्रा अद्भुत है. उस नेता के रूप में जो जनता की भाषा में संवाद करती हैं, उनकी संस्कृति को जीती हैं और उनके संघर्षों को समझती हैं.
उनके भाषण परंपरा की गहराई लिए होते हैं, लेकिन सोच आधुनिक है. एक ऐसा संगम जिसने न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश को आकर्षित किया.

अध्याय-2 बदलाव का मोड़
5 मार्च 2024 को गिरीडीह में झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्थापना दिवस पर कल्पना सोरेन ने सक्रिय राजनीति में कदम रखने की औपचारिक घोषणा की. हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी ने पार्टी नेतृत्व में एक खाली जगह छोड़ दी थी, लेकिन कल्पना ने इसे दृढ़ता और साहस के साथ भरा.
अध्याय-3 गृहिणी से नायिका तक
कल्पना सोरेन का अभियान केवल राजनीतिक नहीं था, व्यक्तिगत भी था. उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण, आदिवासी पहचान और अपने पति के लिए न्याय की बात की. मईयां सम्मान योजना जैसे कार्यक्रम महिलाओं में गहराई तक जुड़ाव बना सके, जिससे पार्टी को एक मजबूत समर्थन मिला.
अध्याय-4 चुनावी जंग
झारखंड चुनाव एक जंग थी और मुकाबला बिलकुल भी आसान नहीं था. एक ओर भाजपा के दिग्गज नेताओं ने आक्रामक प्रचार किया, लेकिन कल्पना ने 100 से अधिक रैलियां की और अनुभवी राजनेताओं को पीछे छोड़ दिया.

अध्याय-5 पहचान में जड़ें
कल्पना सोरेन केवल प्रचारक नहीं थीं, वे झारखंड की पहचान का प्रतीक बन गईं. इंडिया गठबंधन ने 81 में से 56 सीटें जीतीं. एक ऐसी जीत जो कल्पना और हेमंत सोरेन के जनता में बनाए गए विश्वास का प्रतीक है.
हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की कहानी केवल राजनीतिक अस्तित्व की कहानी नहीं है, यह संघर्ष, साझेदारी और झारखंड की अदम्य आत्मा की गवाही हैं. साथ ही उन्होंने नेतृत्व को फिर से परिभाषित करते हुए यह साबित किया कि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी जीत कैसे मिल सकती है.

उस राज्य में जहां पर जमीन अपनी आदिवासी विरासत के गीत गाती है, वहां जीत का एक नया अध्याय लिखा गया. झारखंड की मिट्टी से जुड़े नेता हेमंत सोरेन ने एक बार फिर अपने लोगों की उम्मीदों और संघर्षों को दिल में लेकर नेतृत्व किया.
अध्याय-6 चुनौतियों भरा रास्ता
हेमंत सोरेन के लिए 2024 की शुरुआत उन परीक्षाओं से हुई जो किसी भी नेता को तोड़ सकती थीं. उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया. एक ऐसा क्षण जिसमें उनकी पार्टी और कार्यकर्ताओं को संकट में डाल दिया, लेकिन हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी को उनके पतन के रूप में नहीं बल्कि झारखंड के आदिवासियों की आवाज को चुप कराने के प्रयासों के खिलाफ एक प्रतीक के रूप में देखा गया.
अध्याय-7 मईयां ने पार कराई नैया
हेमंत सोरेन की जीत के केंद्र में मईयां सम्मान योजना है. एक कल्याणकारी योजना, जिसे झारखंड की महिलाओं की ताकत और संघर्षों को मान्यता दी. इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं के खाते में 1000 रुपये सीधे जमा किये गए. वादा इसे 2500 रुपये तक बढ़ाने का है.

झारखंड की 29 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जिन पर महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है. इन इलाकों में महिलाएं भी वोट देने के लिए बड़ी संख्या में आगे आईं. कुल मिलाकर 68 सीटों पर महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा वोट किया. ज्यादा महिला वोट वाली 28 सीटों पर जेएमएम और उनकी सहयोगी पार्टियों को बढ़त मिली.
पार्टी ने यह बात हर घर तक पहुंचा दी कि मईयां सम्मान योजना सिर्फ एक योजना नहीं है बल्कि यह हर झारखंडी महिला से किया गया वादा है कि वो मायने रखती हैं.
अध्याय-8 जुड़ाव का अभियान
हेमंत सोरेन का अभियान भव्यता के बारे में नहीं था, यह जुड़ाव के बारे में था. उन्होंने जनता की भाषा में बात की, उनके संघर्षों को जिया और उनकी जमीनी पहचान और संस्कृति की रक्षा का वादा किया.

अध्याय- 9 आदिवासी पहचान
हेमंत सोरेन का आदिवासी पहचान पर काफी जोर रहा. सरना धर्म कोड के समर्थन से लेकर भूमि अधिकारों की लड़ाई तक उन्होंने झारखंड की आत्मा के संरक्षक के रूप में खुद को स्थापित किया. साथ में हर वक्त रहीं कल्पना. हेमंत और कल्पना ने मिलकर 200 से अधिक रैलियां की और उनका संदेश स्पष्ट था कि यह चुनाव झारखंड की पहचान और उसकी महिलाओं और उसके भविष्य के बारे में है.
अध्याय-10 जीत का उत्सव
23 नवंबर 2024 को जब झारखंड चुनाव के नतीजे आए तो उन्होंने शब्दों से अधिक गूंज पैदा की. झामुमो के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने झारखंड में 81 में से 56 सीटें जीतीं और हेमंत सोरेन को एक बार फिर झारखंड का नेतृत्व करने के लिए चुना गया.
[ad_2]
Source link
Share this content:
Blog
पायल कपाड़िया ने रचा इतिहास, गोल्डन ग्लोब्स में हासिल किया नामांकन
[ad_1]

नई दिल्ली:
भारत की मशहूर निर्देशन पायल कपाड़िया ने इतिहास रच डाला है. उनकी फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट को गोल्डन ग्लोब्स के सर्वश्रेष्ठ निर्देशक में नामांकन मिला है. पायल कपाड़िया के लिए गोल्डन ग्लोब्स में नामांकन हासिल करना दूसरी बड़ी कामयाबी है. इससे पहले उन्होंने फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट में इस साल के कान फिल्म महोत्सव बेस्ट डायरेक्टर और फिल्म की एक्ट्रेस अनसूया सेनगुप्ता को बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब हासिल किया था. पायल कपाड़िया को ऑल वी इमेजिन एज लाइट के लिए 77वें कान फिल्म फेस्टिवल में ग्रां प्री जीता था.
मलयालम-हिंदी फीचर फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट की कहानी मुंबई की तीन महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सड़क मार्ग से तटीय शहर की एक यात्रा पर जाती हैं. फिल्म में कानी कुश्रुति, दिव्या प्रभा और छाया कदम ने मुख्य भूमिका निभाई है.
2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के नामांकनों की घोषणा
2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के लिए नामांकनों की सूची जारी कर दी गई है. इस साल कई शानदार फिल्में और टेलीविजन सीरीज़ इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए दौड़ में हैं.
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (ड्रामा):
– डोनाल्ड ग्लोवर, Mr. and Mrs. Smith
– जैक गिलेनहाल, Presumed Innocent
– गैरी ओल्डमैन, Slow Horses
– एडी रेडमायने, The Day of the Jackal
– हिरोयुकी सनाडा, Shogun
– बिली बॉब थॉर्नटन, Landman
सर्वश्रेष्ठ मूल संगीत – मोशन पिक्चर:
– वोल्कर बर्टलमैन, Conclave
– डैनियल ब्लमबर्ग, The Brutalist
– क्रिस बॉवर्स, The Wild Robot
– क्लेमेंट ड्युकोल, Camille, Emilia Perez
– ट्रेंट रेज़नोर और एटिकस रॉस, Challengers
– हंस ज़िमर, Dune: Part Two
सर्वश्रेष्ठ सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:
– Baby Reindeer
– Disclaimer
– Monsters: The Lyle and Erik Menendez Story
– The Penguin
– Ripley
– True Detective: Night Country
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):
– क्रिस्टन बेल, Nobody Wants This
– क्विंटा ब्रुन्सन, Abbott Elementary
– आयो एडेबिरी, The Bear
– सेलेना गोमेज़, Only Murders in the Building
– कैथरीन हान, Agatha All Along
– जीन स्मार्ट, Hacks
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):
– एडम ब्रोडी, Nobody Wants This
– टेड डैन्सन, A Man on the Inside
– स्टीव मार्टिन, Only Murders in the Building
– जेसन सीगल, Shrinking
– मार्टिन शॉर्ट, Only Murders in the Building
– जेरेमी एलन व्हाइट, The Bear
सर्वश्रेष्ठ मूल गीत – मोशन पिक्चर:
– Beautiful That Way, The Last Showgirl, संगीत और गीत: माइलि साइरस, लिक्का ली, एंड्रयू वायट
– Compress/Repress, Challengers, संगीत और गीत: ट्रेंट रेज़नोर, एटिकस रॉस और लुका ग्वाडागिनो
– El Mal, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल, कैमेल और जैक्स ऑडियार
– Forbidden Road, Better Man, संगीत और गीत: रॉबी विलियम्स, फ्रेडी वेक्सलर और साचा स्कारबेक
– Kiss The Sky, The Wild Robot, संगीत और गीत: डेलैसी, जॉर्डन जॉनसन, स्टीफन जॉनसन, मारेन मोरिस, माइकल पोलैक और अली टेम्पोसी
– Mi Camino, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल और कैमेल
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:
– केट ब्लैंचेट, Disclaimer
– जोडी फोस्टर, True Detective: Night Country
– क्रिस्टिन मिलियोटी, The Penguin
– सोफिया वर्गारा, Griselda
– नाओमी वॉट्स, Feud: Capote vs. The Swans
– केट विंसलेट, The Regime
सर्वश्रेष्ठ मोशन पिक्चर – एनिमेटेड:
– Flow
– Inside Out 2
– Memoir of a Snail
– Moana 2
– Wallace & Gromit: Vengeance Most Fowl
– The Wild Robot
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सहायक भूमिका – मोशन पिक्चर:
– एरियाना ग्रांडे, Wicked
– सेलेना गोमेज़, Emilia Perez
– फेलिसिटी जोन्स, The Brutalist
– मार्गरेट क्वॉली, The Substance
– इसाबेला रॉसेलिनी, Conclave
– जोई सैलडाना, Emilia Perez
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – मोशन पिक्चर:
– जैक्स ऑडियार, Emilia Perez
– सीन बेकर, Anora
– एडवर्ड बर्गर, Conclave
– ब्रैडी कॉर्बेट, The Brutalist
– कोराली फार्जात, The Substance
– पायल कपाड़िया, All We Imagine as Light
वहीं बात करें गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स की तो 82वें वार्षिक गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स का सीधा प्रसारण सीबीएस पर बेवर्ली हिल्टन से और रविवार, 5 जनवरी, 2025 को शाम 5 बजे किया जाएगा. निक्की ग्लेसर 2025 के गोल्डन ग्लोब्स की मेज़बानी करेंगी और एमी विजेता निर्माता ग्लेन वीस और रिकी किर्शनर लगातार दूसरे साल शो रनर के रूप में काम करेंगे. पहले यह घोषणा की गई थी कि वियोला डेविस को सेसिल बी. डेमिले पुरस्कार और टेड डैनसन को कैरल बर्नेट पुरस्कार मिलेगा, जो टीवी उत्कृष्टता को मान्यता देता है.
[ad_2]
Source link
Share this content:
Blog
IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फाइनेंस और टैक्सेशन के एक्सपर्ट… RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा से मिलिए
[ad_1]

नई दिल्ली:
रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए गवर्नर अपॉइंट हुए हैं. मल्होत्रा 11 दिसंबर 2024 को RBI के 26वें गवर्नर के तौर पर कार्यभार संभालेंगे. मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 10 दिसंबर को खत्म हो रहा है. RBI गवर्नर के तौर पर मल्होत्रा का कार्यकाल 3 साल का होगा.
सरकार ने 2022 में रिजर्व बैंक (RBI) के डायरेक्टर के रूप में डिपाटर्मेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) के सचिव संजय मल्होत्रा को नॉमिनेट किया था. सोमवार को मोदी कैबिनेट ने संजय मल्होत्रा के अपॉइंटमेंट को मंजूरी दी. आइए जानते हैं कौन हैं संजय मल्होत्रा, जो देश के सेंट्रल बैंक की सारी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं:-
भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में किसी भी घटना के प्रभाव से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में: RBI
राजस्थान कैडर के IAS ऑफिसर
संजय मल्होत्रा राजस्थान कैडर के 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई राजस्थान में ही हुई है. IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस में उन्होंने इंजीनियरिंग की है. इसके बाद अमेरिका के
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई की है.
33 साल का एक्सपीरिएंस
संजय मल्होत्रा को पास 33 साल का एक्सपीरिएंस हैं. उन्होंने पावर, फाइनेंस, टैक्सेशन, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और माइन्स समेत तमाम क्षेत्रों में काम किया है. मल्होत्रा के पास राज्य और केंद्र सरकार दोनों में फाइनेंस और टैक्सेशन में काम करने का अनुभव भी है.
राजकोषीय घाटा अक्टूबर के अंत में पूरे साल के लक्ष्य का 46.5 प्रतिशत: सरकारी आंकड़े
वित्त मंत्रालय में सेक्रेटरी (रेवेन्यू) के रूप में काम करने से पहले उन्होंने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग में सचिव का पद संभाला था.
सुधारवादी अफसरों में होती है गिनती
फाइनेंस के मामलों में संजय मल्होत्रा की गिनती सुधारवादी और मजबूत काम करने वाले अफसरों में होती है. उन्हें राजस्थान के करीब सभी विभागों में काम करने का अनुभव है. वो PM मोदी के पसंदीदा अफसरों में भी शामिल हैं.
टैक्स पॉलिसी मेकिंग में अहम भूमिका
संजय मल्होत्रा ने डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स के लिए टैक्स पॉलीसी मेकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
RBI ने लगातार 11वीं बार Repo Rate में नहीं किया बदलाव, 6.50% पर बरकरार, लोन की EMI पर राहत नहीं
[ad_2]
Source link
Share this content:
Blog
150 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म को अक्षय कुमार ने अपनी गलती से बनाया फ्लॉप ? मेकर्स को लगा इतना चूना
[ad_1]
अक्षय कुमार की इस आदत की वजह से फ्लॉप हुई थी मूवी सम्राट पृथ्वीराज
नई दिल्ली:
साल 2022 में अक्षय कुमार की एक फिल्म आई थी पृथ्वीराज चौहान. जैसा कि नाम से ही जाहिर है ये फिल्म पृथ्वी राज चौहान की लाइफ पर बेस्ड थी. उनके साथ उनके शौर्य के साथ उनकी संयोगिता के प्रति चाहत को भी फिल्म में दिखाया गया था. लेकिन ये फिल्म अक्षय कुमार की दूसरी फिल्मों की तरह कोई कमाल नहीं दिखा सकी थी. इसकी क्या वजह थी. फिल्म क्रिटिक और ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने इस बारे में एनडीटीवी से खास बातचीत की और बताया पृथ्वीराज चौहान दर्शकों की कसौटी पर खरी क्यों नहीं उतरी.
क्यों फ्लॉप हुई अक्षय कुमार की मूवी?
एनडीटीवी ने कोमल नाहटा से जानना चाहा कि क्या बॉलीवुड के एक्टर्स साउथ के हीरोज जितनी मेहनत, रोल में उतरने के लिए नहीं करते हैं. इसके जवाब में कोमल नाहटा ने कहा कि ये कहना गलत होगा कि बॉलीवुड के एक्टर्स रोल में ढलने के लिए मेहनत नहीं करते हैं. शाहरुख खान, आमिर खान जैसे स्टार्स भरपूर मेहनत करते हैं. उन्होंने सम्राट पृथ्वीराज मूवी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी फिल्म बनाना हो तो मेहनत ज्यादा लगती है. जो अक्षय कुमार ने इस फिल्म के लिए नहीं की. इस फिल्म में पृथ्वीराज चौहान के हाव भाव पकड़ने के लिए थोड़ी ज्यादा मेहनत की जानी चाहिए थी. लेकिन रोल में उतरने की कोशिश ही नहीं की गई. जिसका नतीजा ये हुआ कि फिल्म को दर्शकों ने पसंद नहीं किया.
दो साल पहले रिलीज हुई थी फिल्म
अक्षय कुमार की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज साल 2022 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में मिस वर्ल्ड रही मानुषी छिल्लर संयोगिता के रोल में थीं. सोनू सूद, चंदर वरदाई के रोल में थे. आशुतोष राणा ने जय चंद्र का रोल अदा किया था. फिल्म से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स में इसका बजट करीब 200 करोड़ रु. बताया गया. लेकिन फिल्म सौ करोड़ का मार्क भी टच नहीं कर पाई. इस फिल्म को डिजास्टर मूवी माना गया.
[ad_2]
Source link
Share this content:
-
Blog2 years ago
इजरायल-लेबनान में क्या आज होगा सीजफायर का ऐलान? रुक जाएगी 60 दिनों के लिए जंग
-
Blog2 years ago
महाभारत से लेकर चंद्रकांता तक, 90 के दशक के ये 15 सीरियल अब आए ओटीटी पर, देखते ही याद आ जाएगा बचपन
-
Blog2 years ago
कैटरीना कैफ का डांस वीडियो, अक्षय कुमार के साथ टिप-टिप बरसा पानी के साथ डांस, जानें अब क्यों हो रहा है वायरल
-
Blog2 years ago
अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की 49 साल पुरानी फोटो वायरल, जब शोले के सेट पर स्क्रिप्ट पढ़ते हुए आए थे दो सुपरस्टार्स
-
Blog2 years ago
देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार बने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, अजित पवार और एकनाथ शिंदे ने ली डिप्टी CM की शपथ
-
Blog2 years ago
Khan Sir Latest News: पटना में प्रदर्शन के बाद बिगड़ी खान सर की तबीयत, अस्पताल में कराया गया भर्ती | Khan Sir Latest News | Khan Sir health update | khan sir health news
-
Blog2 years ago
सीरिया में बशर के शासन का अंत, देश पर विद्रोहियों का कब्जा; जानिए अब यहां से आगे क्या हैं रास्ते
-
Blog2 years ago
अजय देवगन और अभिषेक बच्चन पर भारी पड़े शाहरुख खान, 13 साल पुरानी फिल्म के आगे फेल हुई नाम और आई वांट टू टॉक
