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150 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म को अक्षय कुमार ने अपनी गलती से बनाया फ्लॉप ? मेकर्स को लगा इतना चूना

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sjk5snho_samrat-prithviraj_625x300_17_June_22 150 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म को अक्षय कुमार ने अपनी गलती से बनाया फ्लॉप ? मेकर्स को लगा इतना चूना

अक्षय कुमार की इस आदत की वजह से फ्लॉप हुई थी मूवी सम्राट पृथ्वीराज


नई दिल्ली:

साल 2022 में अक्षय कुमार की एक फिल्म आई थी पृथ्वीराज चौहान. जैसा कि नाम से ही जाहिर है ये फिल्म पृथ्वी राज चौहान की लाइफ पर बेस्ड थी. उनके साथ उनके शौर्य के साथ उनकी संयोगिता के प्रति चाहत को भी फिल्म में दिखाया गया था. लेकिन ये फिल्म अक्षय कुमार की दूसरी फिल्मों की तरह कोई कमाल नहीं दिखा सकी थी. इसकी क्या वजह थी. फिल्म क्रिटिक और ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने इस बारे में एनडीटीवी से खास बातचीत की और बताया पृथ्वीराज चौहान दर्शकों की कसौटी पर खरी क्यों नहीं उतरी.  

 क्यों फ्लॉप हुई अक्षय कुमार की मूवी?

एनडीटीवी ने कोमल नाहटा से जानना चाहा कि क्या बॉलीवुड के एक्टर्स साउथ के हीरोज जितनी मेहनत, रोल में उतरने के लिए नहीं करते हैं. इसके जवाब में कोमल नाहटा ने कहा कि ये कहना गलत होगा कि बॉलीवुड के एक्टर्स रोल में ढलने के लिए मेहनत नहीं करते हैं. शाहरुख खान, आमिर खान जैसे स्टार्स भरपूर मेहनत करते हैं. उन्होंने सम्राट पृथ्वीराज मूवी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी फिल्म बनाना हो तो मेहनत ज्यादा लगती है. जो अक्षय कुमार ने इस फिल्म के लिए नहीं की. इस फिल्म में पृथ्वीराज चौहान के हाव भाव पकड़ने के लिए थोड़ी ज्यादा मेहनत की जानी चाहिए थी. लेकिन रोल में उतरने की कोशिश ही नहीं की गई. जिसका नतीजा ये हुआ कि फिल्म को दर्शकों ने पसंद नहीं किया.

दो साल पहले रिलीज हुई थी फिल्म

अक्षय कुमार की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज साल 2022 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में मिस वर्ल्ड रही मानुषी छिल्लर संयोगिता के रोल में थीं. सोनू सूद, चंदर वरदाई के रोल में थे. आशुतोष राणा ने जय चंद्र का रोल अदा किया था. फिल्म से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स में इसका बजट करीब 200 करोड़ रु. बताया गया. लेकिन फिल्म सौ करोड़ का मार्क भी टच नहीं कर पाई. इस फिल्म को डिजास्टर मूवी माना गया.



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पायल कपाड़िया ने रचा इतिहास, गोल्डन ग्लोब्स में हासिल किया नामांकन

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k4t2a5a_all-we-imagine-_625x300_09_December_24 पायल कपाड़िया ने रचा इतिहास, गोल्डन ग्लोब्स में हासिल किया नामांकन


नई दिल्ली:

भारत की मशहूर निर्देशन पायल कपाड़िया ने इतिहास रच डाला है. उनकी फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट को गोल्डन ग्लोब्स के सर्वश्रेष्ठ निर्देशक में नामांकन मिला है. पायल कपाड़िया के लिए गोल्डन ग्लोब्स में नामांकन हासिल करना दूसरी बड़ी कामयाबी है. इससे पहले उन्होंने फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट में इस साल के कान फिल्म महोत्सव बेस्ट डायरेक्टर और फिल्म की एक्ट्रेस अनसूया सेनगुप्ता को बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब हासिल किया था. पायल कपाड़िया को ऑल वी इमेजिन एज लाइट के लिए 77वें कान फिल्म फेस्टिवल में ग्रां प्री जीता था. 

मलयालम-हिंदी फीचर फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट की कहानी मुंबई की तीन महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सड़क मार्ग से तटीय शहर की एक यात्रा पर जाती हैं. फिल्म में कानी कुश्रुति, दिव्या प्रभा और छाया कदम ने मुख्य भूमिका निभाई है.

2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के नामांकनों की घोषणा

2024 गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार के लिए नामांकनों की सूची जारी कर दी गई है. इस साल कई शानदार फिल्में और टेलीविजन सीरीज़ इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए दौड़ में हैं. 

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (ड्रामा):  
– डोनाल्ड ग्लोवर, Mr. and Mrs. Smith  
– जैक गिलेनहाल, Presumed Innocent  
– गैरी ओल्डमैन, Slow Horses  
– एडी रेडमायने, The Day of the Jackal  
– हिरोयुकी सनाडा, Shogun  
– बिली बॉब थॉर्नटन, Landman

सर्वश्रेष्ठ मूल संगीत – मोशन पिक्चर:  
– वोल्कर बर्टलमैन, Conclave  
– डैनियल ब्लमबर्ग, The Brutalist  
– क्रिस बॉवर्स, The Wild Robot  
– क्लेमेंट ड्युकोल, Camille, Emilia Perez  
– ट्रेंट रेज़नोर और एटिकस रॉस, Challengers  
– हंस ज़िमर, Dune: Part Two

सर्वश्रेष्ठ सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:  
– Baby Reindeer  
– Disclaimer  
– Monsters: The Lyle and Erik Menendez Story  
– The Penguin  
– Ripley  
– True Detective: Night Country

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):  
– क्रिस्टन बेल, Nobody Wants This  
– क्विंटा ब्रुन्सन, Abbott Elementary  
– आयो एडेबिरी, The Bear  
– सेलेना गोमेज़, Only Murders in the Building  
– कैथरीन हान, Agatha All Along  
– जीन स्मार्ट, Hacks

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – टेलीविजन श्रृंखला (कॉमेडी या म्यूजिकल):  
– एडम ब्रोडी, Nobody Wants This  
– टेड डैन्सन, A Man on the Inside  
– स्टीव मार्टिन, Only Murders in the Building  
– जेसन सीगल, Shrinking  
– मार्टिन शॉर्ट, Only Murders in the Building  
– जेरेमी एलन व्हाइट, The Bear

सर्वश्रेष्ठ मूल गीत – मोशन पिक्चर:  
– Beautiful That Way, The Last Showgirl, संगीत और गीत: माइलि साइरस, लिक्का ली, एंड्रयू वायट  
– Compress/Repress, Challengers, संगीत और गीत: ट्रेंट रेज़नोर, एटिकस रॉस और लुका ग्वाडागिनो  
– El Mal, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल, कैमेल और जैक्स ऑडियार  
– Forbidden Road, Better Man, संगीत और गीत: रॉबी विलियम्स, फ्रेडी वेक्सलर और साचा स्कारबेक  
– Kiss The Sky, The Wild Robot, संगीत और गीत: डेलैसी, जॉर्डन जॉनसन, स्टीफन जॉनसन, मारेन मोरिस, माइकल पोलैक और अली टेम्पोसी  
– Mi Camino, Emilia Perez, संगीत और गीत: क्लेमेंट ड्युकोल और कैमेल

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सीमित श्रृंखला, एंथोलॉजी श्रृंखला या मोशन पिक्चर – टेलीविजन:  
– केट ब्लैंचेट, Disclaimer  
– जोडी फोस्टर, True Detective: Night Country  
– क्रिस्टिन मिलियोटी, The Penguin  
– सोफिया वर्गारा, Griselda  
– नाओमी वॉट्स, Feud: Capote vs. The Swans  
– केट विंसलेट, The Regime

सर्वश्रेष्ठ मोशन पिक्चर – एनिमेटेड:  
– Flow  
– Inside Out 2  
– Memoir of a Snail  
– Moana 2  
– Wallace & Gromit: Vengeance Most Fowl  
– The Wild Robot

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सहायक भूमिका – मोशन पिक्चर:  
– एरियाना ग्रांडे, Wicked  
– सेलेना गोमेज़, Emilia Perez  
– फेलिसिटी जोन्स, The Brutalist  
– मार्गरेट क्वॉली, The Substance  
– इसाबेला रॉसेलिनी, Conclave  
– जोई सैलडाना, Emilia Perez

सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – मोशन पिक्चर:  
– जैक्स ऑडियार, Emilia Perez  
– सीन बेकर, Anora  
– एडवर्ड बर्गर, Conclave  
– ब्रैडी कॉर्बेट, The Brutalist  
– कोराली फार्जात, The Substance  
– पायल कपाड़िया, All We Imagine as Light

वहीं बात करें गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स की तो 82वें वार्षिक गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स का सीधा प्रसारण सीबीएस पर बेवर्ली हिल्टन से और रविवार, 5 जनवरी, 2025 को शाम 5 बजे किया जाएगा. निक्की ग्लेसर 2025 के गोल्डन ग्लोब्स की मेज़बानी करेंगी और एमी विजेता निर्माता ग्लेन वीस और रिकी किर्शनर लगातार दूसरे साल शो रनर के रूप में काम करेंगे. पहले यह घोषणा की गई थी कि वियोला डेविस को सेसिल बी. डेमिले पुरस्कार और टेड डैनसन को कैरल बर्नेट पुरस्कार मिलेगा, जो टीवी उत्कृष्टता को मान्यता देता है.




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IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फाइनेंस और टैक्सेशन के एक्सपर्ट… RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा से मिलिए

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sf14m1mo_sanjaymalhotrajpeg_625x300_09_December_24 IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फाइनेंस और टैक्सेशन के एक्सपर्ट... RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा से मिलिए


नई दिल्ली:

रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए गवर्नर अपॉइंट हुए हैं. मल्होत्रा 11 दिसंबर 2024 को RBI के 26वें गवर्नर के तौर पर कार्यभार संभालेंगे. मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 10 दिसंबर को खत्म हो रहा है. RBI गवर्नर के तौर पर मल्होत्रा का कार्यकाल 3 साल का होगा.

सरकार ने 2022 में रिजर्व बैंक (RBI) के डायरेक्टर के रूप में डिपाटर्मेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) के सचिव संजय मल्होत्रा को नॉमिनेट किया था. सोमवार को मोदी कैबिनेट ने संजय मल्होत्रा के अपॉइंटमेंट को मंजूरी दी. आइए जानते हैं कौन हैं संजय मल्होत्रा, जो देश के सेंट्रल बैंक की सारी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं:-

भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में किसी भी घटना के प्रभाव से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में: RBI

राजस्थान कैडर के IAS ऑफिसर 
संजय मल्होत्रा राजस्थान कैडर के 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई राजस्थान में ही हुई है. IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस में उन्होंने इंजीनियरिंग की है. इसके बाद अमेरिका के
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई की है.

33 साल का एक्सपीरिएंस
संजय मल्होत्रा ​​को पास 33 साल का एक्सपीरिएंस हैं. उन्होंने पावर, फाइनेंस, टैक्सेशन, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और माइन्स समेत तमाम क्षेत्रों में काम किया है. मल्होत्रा ​​के पास राज्य और केंद्र सरकार दोनों में फाइनेंस और टैक्सेशन में काम करने का अनुभव भी है.

राजकोषीय घाटा अक्टूबर के अंत में पूरे साल के लक्ष्य का 46.5 प्रतिशत: सरकारी आंकड़े

वित्त मंत्रालय में सेक्रेटरी (रेवेन्यू) के रूप में काम करने से पहले उन्होंने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग में सचिव का पद संभाला था. 

सुधारवादी अफसरों में होती है गिनती
फाइनेंस के मामलों में संजय मल्होत्रा की गिनती सुधारवादी और मजबूत काम करने वाले अफसरों में होती है. उन्हें राजस्थान के करीब सभी विभागों में काम करने का अनुभव है. वो PM मोदी के पसंदीदा अफसरों में भी शामिल हैं.

टैक्स पॉलिसी मेकिंग में अहम भूमिका
संजय मल्होत्रा ​​ने डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स के लिए टैक्स पॉलीसी मेकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 

RBI ने लगातार 11वीं बार Repo Rate में नहीं किया बदलाव, 6.50% पर बरकरार, लोन की EMI पर राहत नहीं



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आप ने मनीष सिसोदिया को पटपड़गंज से जंगपुरा क्यों भेजा, क्या अवध ओझा दे पाएंगे BJP को चुनौती

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kqnm1kh8_manish-sisodia-avadh-ojha_625x300_09_December_24 आप ने मनीष सिसोदिया को पटपड़गंज से जंगपुरा क्यों भेजा, क्या अवध ओझा दे पाएंगे BJP को चुनौती


नई दिल्ली:

आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अपनी दूसरी सूची जारी की. इसमें 20 उम्मीदवारों के नाम हैं. लेकिन इस लीस्ट की जो सबसे चौकाने वाली बात है, वह यह है कि आप ने दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले मनीष सोसिदिया की सीट बदल दी है. उनकी जगह पर अभी कुछ दिन पहले शामिल हुए यूट्यूबर शिक्षक अवध ओझा को टिकट दिया गया है.सिसोदिया जंगपुरा सीट से चुनाव लड़ेंगे. आप के इस फैसले ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौकाया है, हालांकि राजनीतिक हलके में इस बदलाव की चर्चा पहले से ही थी.आइए जानते हैं कि आप ने यह फैसला किन वजहों से लिया है. 

आप ने क्यों बदली मनीष सिसोदिया की सीट

मनीष सिसोदिया 2020 में पटपड़गंज से लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए थे.ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि उनको अपनी सीट बदलनी पड़ी. और ऐसा क्या है कि तीन दिन पहले पार्टी में शामिल हुए अवध ओझा की इतनी महत्वपूर्ण सीट से उम्मीदवार बना दिया गया. दरअसल आम आदमी पार्टी के आंतरिक सर्वे में पटपड़गंज विधानसभा सीट पर पार्टी की हालत कमजोर बताई गई थी. इसी वजह से पार्टी ने मनीष सिसोदिया की सीट बदलने की सोची. मनीष सिसोदिया ने पटपड़गंज से पहला चुनाव 2013 में जीता था. उस चुनाव में उन्होंने बीजेपी के नकुल भारद्वाज को हराया था. उस चुनाव में मनीष सिसोदिया को 50 हजार 211 वोट मिले थे. वहीं भारद्वाज को 38 हजार 735 वोट मिले थे. मनीष ने अपना पहला चुनाव 11 हजार 476 वोट के अंतर से जीता. मनीष ने अपना दूसरा चुनाव पटपड़गंज से ही जीता था. उस चुनाव में उन्हें 75 हजार 243 वोट मिले थे. वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के विनोद कुमार बिन्नी को 46 हजार 452 वोटों से ही संतोष करना पड़ा था. मनीष ने यह चुनाव 28 हजार 791 वोटों के भारी अंतर से जीता. वहीं 2020 के चुनाव में मनीष को बहुत मुश्किल से जीत नसीब हुई थी. मतगणना के दौरान वो कई बार अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के रविंद्र सिंह नेगी से पिछड़ते नजर आए थे. इस चुनाव में सिसोदिया को 70 हजार 163 और नेगी को 66 हजार 956 वोट मिले थे.सिसोदिया यह चुनाव मात्र तीन हजार 207 वोट के अंतर से ही जीत पाए थे. 

पटपड़गंज में कम हुआ मनीष के जीत के अंतर ने पार्टी को सोचने पर मजबूर कर दिया. यही वजह है कि 2024 के चुनाव में भी पार्टी को पटपड़गंज में अपनी हालत पतली नजर आ रही है. 

पटपड़गंज की लड़ाई

मनीष सिसोदिया आबकारी नीति में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप में करीब 17 महीने जेल में रहे. वो इस साल अगस्त में तिहाड़ जेल से रिहा हुए थे. जेल में रहने की वजह से पटपड़गंज में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं. सिसोदिया की गैर मौजदगी में बीजेपी ने पटपड़गंज में काफी काम किया और अपनी स्थिति को मजबूत किया है. इससे पार्टी को लगा कि इस वजह से उसे पटपड़गंज में एंटी इंकंबेंसी का सामना करना पड़ सकता है. यह स्थिति मनीष सोसिदिया जैसे नेता के लिए खतरनाक हो सकती है. इसलिए आप ने मनीष सिसोदिया के लिए एक सुरक्षित सीट की तलाश करनी पड़ी. अगर सिसोदिया को पटपड़गंज में हार मिल जाती तो आम आदमी पार्टी के लिए शर्मनाक स्थिति होती, क्योंकि अरविंद केजरीवाल कह चुके हैं कि उनकी और सिसोदिया की जीत उनके लिए ईमानदारी के प्रमाणपत्र की तरह होगी. 

जंगपुरा विधानसभा को सुरक्षित मानते हुए आम आदमी पार्टी ने मनीष सिसोदिया को वहां से टिकट दिया है. वहीं जंगपुरा के निवर्तमान विधायक प्रवीण कुमार को चुनाव लड़ने के लिए जनकपुरी भेजा गया है. प्रवीण कुमार ने जंगपुरा सीट पर 2020 और 2015 के चुनाव में जीत दर्ज की थी. उन्होंने 2020 का चुनाव 15 हजार से अधिक वोटों और 2015 का चुनाव करीब 23 हजार के अंतर से जीता था. इस बार उन्हें चुनाव लड़ने के लिए जनकपुरी भेजा गया है.   

अवध ओझा के लिए पटपड़गंज में कितनी संभावना है

दूसरा सवाल यह है कि आम आदमी पार्टी ने तीन दिन पहले पार्टी में शामिल हुए व्यक्ति को पटपड़गंज से उम्मीदवार क्यों बनाया है. इसकी वजह है इस विधानसभा क्षेत्र की जनसंख्या. इस इलाके में उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों की संख्या अधिक है. यही वजह है कि 2020 के चुनाव में बीजेपी के रविंद्र सिंह नेगी 66 हजार से अधिक वोट ला पाने में कामयाब हो गए थे. आप ने जिन अवध ओझा को पटपड़गंज से उम्मीदवार बनाया है, वो पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले के रहने वाले हैं. इसके अलावा वो सोशल मीडिया पर उनके चाहने वालों की संख्या बहुत अधिक है. आप ओझा की लोकप्रियता और उनके सोशल मीडिया मौजूदगी को भुनाना चाहती है. 

आप की दूसरी लिस्ट में दो और नाम ऐसे हैं जो पिछले हफ्ते ही पार्टी में शामिल हुए हैं. बीजेपी छोड़कर आप में शामिल हुए जितेंद्र सिंह शुंटी को शाहदरा और सुरिंदर पाल सिंह बिट्टू को तिमारपुर से टिकट दिया गया है.शाहदरा से पिछला चुनाव राम निवास गोयल ने जीता था. उन्होंने पिछले हफ्ते उम्र का हवाला देते हुए चुनावी राजनीति से संन्यास की घोषणा की थी. इसी तरह की घोषणा करने वाले तिमारपुर के विधायक दिलीप कुमार पांडेय की जगह सुरिंदर पाल सिंह बिट्टू को टिकट दिया गया है. 

सोमवार को घोषित आम आदमी पार्टी की सूची दूसरी थी. इससे पहले आप ने अपनी पहली सूची 21 नवंबर को जारी की थी.इसमें 11 उम्मीदवारों के नाम थे. इस तरह आप ने 70 में से 31 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर चुकी है.

ये भी पढ़ें: आप बंगाल में कब्जा करेंगे और हम बैठकर लॉलीपॉप खाएंगे… बांग्लादेश मुद्दे पर दिखा ममता बनर्जी का रौद्र रूप
 


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